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मिडिल ईस्ट युद्ध: 8 भारतीयों की मौत, 55 लाख की सुरक्षित वापसी; भारत ने कूटनीति पर दिया जोर

मिडिल ईस्ट युद्ध: 8 भारतीयों की मौत, 55 लाख की सुरक्षित वापसी; भारत ने कूटनीति पर दिया जोर

मिडिल ईस्ट युद्ध: 8 भारतीयों की मौत, 55 लाख की सुरक्षित वापसी; भारत ने कूटनीति पर दिया जोरए  पश्चिम एशिया का यह संघर्ष अब भारत के लिए भी गंभीर मानवीय और रणनीतिक मुद्दा बन गया है। मैं इसे व्यवस्थित तरीके से समझा देता हूँ।

मिडिल ईस्ट युद्ध: 8 भारतीयों की मौत, 55 लाख की सुरक्षित वापसी; भारत ने कूटनीति पर दिया जोर

 भारतीय नागरिकों की स्थिति

अब तक 8 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि,1 नागरिक लापता (सरकार खोज में लगी है, हाल ही में कुवैत में एक भारतीय की मौत,  सरकार मृतकों के परिवारों से संपर्क में है और पार्थिव शरीर को भारत लाने की कोशिश कर रही है।

बड़े पैमाने पर वापसी (Evacuation)

28 फरवरी से अब तक ~55 लाख लोग भारत लौटे,यह दिखाता है कि स्थिति कितनी व्यापक और गंभीर हो चुकी है

  • सऊदी अरब
  • यूएई
  • कुवैत
  • कतर

कूटनीति पर जोर

नरेंद्र मोदी ने मोहम्मद बिन सलमान से बात की, मुख्य मुद्दे:;क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति (oil & gas)

आधिकारिक बयान

रणधीर जायसवाल (MEA प्रवक्ता):, “संयम और तनाव कम करने” की अपील, संवाद और कूटनीति से समाधान पर जोर

 दूतावास की भूमिका

भारतीय दूतावास: 24×7 हेल्पलाइन चला रहे हैं, लगातार भारतीय समुदाय से संपर्क, सुरक्षा सलाह (advisories) जारी, असीम आर महाजन (अतिरिक्त सचिव):, सरकार हर भारतीय की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है

इसका भारत पर असर

यह सिर्फ मानवीय संकट नहीं है, बल्कि:

ऊर्जा सुरक्षा

भारत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है मिडिल ईस्ट से, युद्ध से कीमतें बढ़ सकती हैं

 व्यापार और शिपिंग

होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रास्ते खतरे में, इससे भारत के आयात-निर्यात पर असर

 प्रवासी भारतीय (NRIs)

करोड़ों भारतीय वहां काम करते हैं, उनकी सुरक्षा और नौकरी दोनों खतरे में, स्थिति अभी भी अस्थिर और खतरनाक बनी हुई है, भारत नागरिकों की सुरक्षा पर फोकस कर रहा है,साथ ही डिप्लोमैटिक बैलेंस बनाए हुए है। मिडिल ईस्ट युद्ध: 8 भारतीयों की मौत, 55 लाख की सुरक्षित वापसी; भारत ने कूटनीति पर दिया जोर

 

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