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मौसम विभाग ने जारी की यहां जानकारी , खरीफ फसल को लेकर अच्छी उम्मीद, farmar को हो सकता है लाभ। जाने जानकारी?

मौसम विभाग ने जारी की यहां जानकारी , खरीफ फसल को लेकर अच्छी उम्मीद, farmar को हो सकता है लाभ। जाने जानकारी? हेलो नमस्कार दोस्तों आज हम आपकी जानकारी के लिए लेकर आए हैं जैसे कि हम जानते हैं कि खरीफ की फसल अभी बोल चुकी है तो यहां किसानों के लिए काफी अच्छी उम्मीद जताई गई है की मौसम विभाग ने बताया कि इस बार फसल खराब नहीं होगी तब तो जिससे किसानों को काफी हद तक अच्छा लाभ होगा तथा मौसम विभाग ने कोई अच्छी उम्मीदें भी जताई है तो आईए जानते हैं इस पूरी जानकारी के बारे में तो इसके लिए हमारा आर्टिकल में बने रहिए आखरी तक।

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मौसम विभाग की सलाह?

तो लिए दोस्तों हम जानते हैं की मौसम विभाग ने ऐसी कौन सी सलाह जारी की जिसके द्वारा जिन चलाओ के द्वारा हम अपने खेत में फसल को अच्छा देख सकते हैं तथा काफी अच्छी उत्पादन ले सकते हैं तो इस पूरी जानकारी के बारे में देखते हैं तो मौसम विभाग की मानें तो लंबे समय से जारी बारिश के सक्रिय दौर से देश भर के कई क्षेत्रों में खेती से जुड़ी गतिविधियों पर काफी असर पड़ने की आशंका है. किसानों को जलभराव और मिट्टी में पानी सोखने की क्षमता कम होने के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे फसल की सेहत और उपज पर उल्टा पड़ा सकता है साथी मौसम विभाग में जानकारी सलाह दी है कि आप इन इन प्रभावों को काम करके तथा कृषि उत्पादन की रणनीति को अपनाकर फसल उत्पादन को बढ़ा सकते हैं

मौसम विभाग ने जारी की यहां जानकारी , खरीफ फसल को लेकर अच्छी उम्मीद, farmar को हो सकता है लाभ। जाने जानकारी?

Farmar किन बातों का रखें ध्यान ?

तो दोस्तों अब हम बात करते हैं कि किस किन-किन बातों का ध्यान रखें कि जिनके द्वारा यहां फसल को खराब होने से बचाए जा सके तो इसके लिए किसान भाइयों आपकी खेत की मेड को आपको को उचित मात्रा में जल निकासी का प्रबंध करना चाहिए जिसके माध्यम से जल निकल सके तो प्रभावी जल निकासी प्रणालियां जड़ों को सड़ने और अन्य जलजनित बीमारियों को रोकने में मदद कर सकती हैं जिससे यह सुनिश्चित होता है कि पौधों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते रहें. वहीं, किसानों को कोंकण जैसे क्षेत्रों में चावल और रागी की रोपाई को फिलहाल टाल देना चाहिए. इसी तरह मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में चावल की रोपाई, सोयाबीन, मक्का और मूंगफली सहित खरीफ फसलों की बुवाई में देरी की सलाह दी गई है. ये कदम फसल विकास के शुरुआती चरणों को अत्यधिक गीली परिस्थितियों से बचने बचने में मदद करेंगे, जो अंकुरण और विकास में बाधा डाल सकते हैं.इसके अलावा भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण होने वाले नुकसान को रोकने के लिए बागवानी वाली फसलों और सब्जियों को यांत्रिक सहायता प्रदान करना आवश्यक है. स्टेकिंग पौधों को सीधा रखने, टूटने से बचाने और बेहतर वायु परिसंचरण सुनिश्चित करने में मदद करती है, जिससे फसल संक्रमण का खतरा कम हो सके तथा इन उपायों को अपनाकर किसान अपनी फसल पर प्रतिकूल प्रभाव को रोका जा सकता है अतः मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी किस के लिए काफी महत्वपूर्ण हो सकती है तथा यहां खरीफ की फसल के उत्पादन में काफी अच्छा योगदान देगी

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