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मेसी कोलकाता टूर घोटाला: पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास और सांसद राजीव कुमार पर FIR; 22 हजार टिकट ब्लैक करने और मेसी की सुरक्षा खतरे में डालने का आरोप

मेसी कोलकाता टूर घोटाला: पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास और सांसद राजीव कुमार पर FIR; 22 हजार टिकट ब्लैक करने और मेसी की सुरक्षा खतरे में डालने का आरोप

मेसी कोलकाता टूर घोटाला: पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास और सांसद राजीव कुमार पर FIR; 22 हजार टिकट ब्लैक करने और मेसी की सुरक्षा खतरे में डालने का आरोप

मेसी कोलकाता टूर घोटाला: पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास और सांसद राजीव कुमार पर FIR; 22 हजार टिकट ब्लैक करने और मेसी की सुरक्षा खतरे में डालने का आरोप।  फुटबॉल की दुनिया के महानायक लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे से जुड़े विवाद ने अब पश्चिम बंगाल में एक बड़ा राजनीतिक भूचाल ला दिया है। राज्य में भाजपा की नई सरकार बनते ही कार्यक्रम के मुख्य आयोजक सतद्रु दत्ता ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है। दत्ता ने सोमवार शाम कोलकाता के बिधाननगर साउथ थाने में पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास और पूर्व डीजीपी व टीएमसी सांसद राजीव कुमार सहित चार हाई-प्रोफाइल लोगों के खिलाफ आधिकारिक तौर पर एफआईआर (शिकायत) दर्ज कराई है।

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मेसी कोलकाता टूर घोटाला: पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास और सांसद राजीव कुमार पर FIR; 22 हजार टिकट ब्लैक करने और मेसी की सुरक्षा खतरे में डालने का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दिसंबर 2025 में साल्ट लेक स्टेडियम में आयोजित मेसी के कार्यक्रम को पूरी तरह बर्बाद करने, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की थू-थू कराने और करोड़ों रुपये के टिकटों का हेरफेर करने के बाद उन्हें (सतद्रु दत्ता को) ‘बलि का बकरा’ बना दिया गया था। इस एफआईआर में कोलकाता नगर निगम की पार्षद जुईन बिस्वास और सूचना एवं संस्कृति विभाग के सचिव शांतनु बसु को भी सह-आरोपी बनाया गया है।

22 हजार मुफ्त टिकट मांगे, फिर उन्हें ब्लैक में ऊंचे दामों पर बेचा

आयोजक सतद्रु दत्ता ने अपनी पुलिस शिकायत में तृणमूल कांग्रेस के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास पर बेहद संगीन और चौंकाने वाले वित्तीय आरोप लगाए हैं:

महज 20 मिनट में खत्म हुआ शो; स्टेडियम में हुई थी भयंकर तोड़फोड़

यह पूरा विवाद 13 दिसंबर 2025 को विवेकानंद युवा भारती क्रीड़ांगन (साल्ट लेक स्टेडियम) में आयोजित ‘GOAT इंडिया टूर- कोलकाता एडिशन’ से जुड़ा है। उस वक्त मेसी को देखने के लिए लाखों फैंस पहुंचे थे, लेकिन प्रशासनिक अव्यवस्था के कारण:

  1. मेसी मैदान पर केवल 20 से 22 मिनट ही रुक सके।

  2. पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास और उनके करीबियों ने मेसी को जबरन घेर लिया और तस्वीरें खिंचवाने की होड़ मचा दी, जिससे मेसी और उनकी निजी सुरक्षा टीम बेहद असहज हो गई।

  3. सुरक्षा घेरा टूटता देख मेसी कार्यक्रम को बीच में ही छोड़कर चले गए। इससे नाराज दर्शकों ने करोड़ों रुपये की टिकटें खरीदने के बावजूद मेसी को न देख पाने के कारण पूरे स्टेडियम में भयंकर तोड़फोड़ की थी।

सत्ता नहीं बदलती, तो कभी मुंह नहीं खोल पाता; ठोकूंगा 100 करोड़ का केस

सतद्रु दत्ता ने नम आंखों से मीडिया को बताया कि कार्यक्रम के फ्लॉप होने के बाद उन पर सोशल मीडिया पर झूठा माफीनामा और रिफंड का बयान जारी करने का दबाव बनाया गया था। उन्होंने कहा, “मुझे और मेरे पूरे परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं। अगर पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन (शुभेंदु अधिकारी सरकार का गठन) नहीं होता, तो मैं कभी इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पाता।” दत्ता ने ऐलान किया है कि वे पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास और अन्य आरोपियों पर मानहानि और हर्जाने के तौर पर 50-50 करोड़ रुपये के दो सिविल मुकदमे (कुल 100 करोड़ रुपये) दर्ज करने जा रहे हैं।

नए खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने दिए दोबारा जांच के आदेश

इस हाई-प्रोफाइल मामले पर संज्ञान लेते हुए भाजपा सरकार के नए खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने साफ कर दिया है कि मेसी जैसे वैश्विक खिलाड़ी के नाम पर बंगाल की छवि खराब करने वाले और सत्ता का दुरुपयोग करने वाले किसी भी रसूखदार को बख्शा नहीं जाएगा। खेल मंत्रालय ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय री-इन्वेस्टिगेशन (दोबारा जांच) शुरू कर दी है।

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