मिट्टी के श्रीगणेश से आत्मनिर्भरता का संदेश – उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन में सांस्कृतिक परंपरा को दिया नया स्वरूप

मिट्टी के श्रीगणेश से आत्मनिर्भरता का संदेश – उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन में सांस्कृतिक परंपरा को दिया नया स्वरू
सांस्कृतिक धरोहर से आत्मनिर्भरता की ओर कदम – मिट्टी के श्रीगणेश बने उद्यमिता के प्रतीक
कटनी – नालंदा विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय में स्वदेशी जागरण मंच के स्वावलंबी भारत अभियान अंतर्गत गुरुवार को उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन का अभिनव आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित मिट्टी की श्रीगणेश प्रतिमा प्रतियोगिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रतियोगिता की अनूठी विशेषता यह रही कि प्रतिभागियों द्वारा निर्मित प्रतिमाओं को न केवल अंक दिए गए बल्कि वहीं पर क्रय भी कर लिया गया। इस पहल से सांस्कृतिक परंपरा को उद्यमिता से जोड़कर एक नया स्वरूप प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। मंचासीन अतिथियों में श्रीमती वंदना गेलानी (विभाग महिला प्रमुख, स्वदेशी जागरण मंच), चित्रा प्रभात (प्राचार्य, गर्ल्स कॉलेज, कटनी), संध्या खरे (प्राचार्य, नालंदा विज्ञान एवं वाणिज्य महाविद्यालय), धन्यकुमार गांधी (समन्वयक, स्वावलंबी भारत अभियान) तथा अशोक भगेरिया (संयोजक, स्वदेशी जागरण मंच) शामिल रहे।
प्रतिमा प्रतियोगिता में प्रथम स्थान योगिता शर्मा, द्वितीय स्थान धनीराम, तृतीय स्थान खुशी दुबे तथा कंसोलेशन अवार्ड कृष्णा गौड को मिला। प्रतियोगिता का मूल्यांकन श्रीमती चित्रा प्रभात जी द्वारा किया गया एवं परिणाम की घोषणा धन्यकुमार गांधी ने की।सम्मेलन में एक बेटी, सुश्री योगिता शर्मा जो अपने पिता के कार्य में सहयोग करती है, को विशेष रूप से सम्मानित कर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में आकांक्षा बरसैया, हंसा खंडेलवाल एवं श्री ईशान जैन का विशेष योगदान रहा।
कार्यक्रम में उद्बोधन वंदना गेलानी, चित्रा प्रभात जी एवं श्रीमती संध्या खरे जी द्वारा दिया गया। सफल संचालन नीति वर्मा ने किया एवं आभार प्रदर्शन अशोक भगेरिया जी द्वारा किया गया।इस अभिनव सम्मेलन ने यह प्रेरणादायी संदेश दिया कि पारंपरिक आयोजनों को उद्यमिता की भावना से जोड़कर आत्मनिर्भर भारत की राह को और सशक्त बनाया जा सकता है। इसी के साथ उद्यमिता प्रोत्साहन सम्मेलन के प्रथम कार्यक्रम का सफलतापूर्वक शुभारंभ हुआ।