Meerut Kanwar Yatra Controversy: कांवड़ यात्रा पर AIMIM प्रवक्ता के बयान से गरमाई राजनीति; हिंदू संगठन ने दी कार्रवाई की चेतावनी
शादाब चौहान के इस बयान पर अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर हमला बताया है।

Meerut Kanwar Yatra Controversy: कांवड़ यात्रा पर AIMIM प्रवक्ता के बयान से गरमाई राजनीति; हिंदू संगठन ने दी कार्रवाई की चेतावनी
मेरठ: सावन महीने की शुरुआत (30 जुलाई) के साथ ही कांवड़ यात्रा को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी बीच, एआईएमआईएम (AIMIM) प्रवक्ता शादाब चौहान के एक सोशल मीडिया वीडियो बयान ने राजनीतिक और सामाजिक पारे को बढ़ा दिया है। वीडियो में शादाब चौहान ने सवाल उठाया कि सड़क पर 5 मिनट नमाज पढ़ने पर आपत्ति जताई जाती है, जबकि कांवड़ यात्रा के दौरान 15 दिनों तक प्रशासनिक व्यवस्थाओं और आम जनता को असुविधा सहन करनी पड़ती है।
शादाब चौहान के इस बयान पर अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर हमला बताया है।
कांवड़ मार्ग पर दुकानों की जांच का अभियान चलाएगा हिंदू संगठन
AIMIM नेता के बयान के बाद अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन के पदाधिकारी सचिन सिरोही ने बड़ा ऐलान किया है:
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पहचान पत्रों की जांच: 30 जुलाई से संगठन मेरठ से हरिद्वार तक कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले भोजनालयों और दुकानों के संचालकों की पहचान तथा दस्तावेजों की जांच का अभियान चलाएगा।
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पहचान छिपाने पर कार्रवाई: संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई मुस्लिम भोजनालय अपनी पहचान छिपाकर संचालित होता पाया गया, तो पुलिस प्रशासन में शिकायत कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
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बयान पर विरोध: सचिन सिरोही ने कहा कि कांवड़ यात्रा हिंदू समाज की सदियों पुरानी धार्मिक परंपरा है। उन्होंने शादाब चौहान पर निशाना साधते हुए कहा कि “यदि किसी को कांवड़ यात्रा से आपत्ति है, तो उसे भारत में रहने के बजाय पाकिस्तान चले जाना चाहिए।”
हिंदूवादी संगठन ने शादाब चौहान के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है, जिसके बाद मेरठ और आसपास के क्षेत्रों में माहौल गरमा गया है।








