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Medical Alert: मोटापा नहीं है सिर्फ वजन बढ़ने की समस्या, यह है दिल और किडनी की बीमारियों की असली जड़; अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की नई गाइडलाइन ने दुनिया को चौंकाया

Medical Alert: मोटापा नहीं है सिर्फ वजन बढ़ने की समस्या, यह है दिल और किडनी की बीमारियों की असली जड़; अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की नई गाइडलाइन ने दुनिया को चौंकाया

Medical Alert: मोटापा नहीं है सिर्फ वजन बढ़ने की समस्या, यह है दिल और किडनी की बीमारियों की असली जड़; अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की नई गाइडलाइन ने दुनिया को चौंकाया

हेल्थ डेस्क: दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में से एक ‘अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन’ (AHA) ने पहली बार मोटापे को लेकर एक नई और बेहद कड़क गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन में डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने साफ कर दिया है कि मोटापा (Obesity) सिर्फ बीमारियों को न्योता देने वाला एक सामान्य जोखिम कारक (Risk Factor) नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर हमारे दिल, किडनी और मेटाबॉलिक सिस्टम को अंदर से खोखला करने वाली बीमारियों की असली जड़ है।

साइलेंट किलर है पेट की चर्बी (बेली फैट), अंदर ही अंदर ऐसे पहुंचाती है नुकसान

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वजन बढ़ने और खासतौर पर पेट के आसपास जमा होने वाली अतिरिक्त चर्बी (Visceral Fat / Belly Fat) शरीर के भीतर एक ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम करती है। यह शरीर को तीन बड़े नुकसान पहुंचाती है:

  1. शरीर में अंदरूनी सूजन: पेट की चर्बी शरीर के भीतर लगातार आंतरिक सूजन (क्रोनिक इन्फ्लेमेशन) पैदा करती है।

  2. इंसुलिन रेजिस्टेंस: यह चर्बी शरीर में इंसुलिन के असर को ब्लॉक कर देती है, जिससे शरीर ग्लूकोज को पचा नहीं पाता और व्यक्ति तेजी से डायबिटीज की गिरफ्त में आ जाता है।

  3. रक्त वाहिकाओं को डैमेज: यह अतिरिक्त फैट हमारी खून की नसों (Blood Vessels) को कड़ा और संकरा कर देता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है।

इन 5 जानलेवा बीमारियों का खतरा: विशेषज्ञों का कहना है कि इसी बेली फैट के कारण आगे चलकर इंसान को टाइप-2 डायबिटीज, हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर और किडनी का पूरी तरह फेल होना (किडनी रोग) जैसी खतरनाक स्थितियों का सामना करना पड़ता है।

भारत के लिए क्यों बजी खतरे की घंटी? “डायबिटीज कैपिटल” पर बड़ा संकट

यह नई गाइडलाइन और चेतावनी भारत के लिहाज से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण है:

  • खतरनाक आंकड़े: भारत में इस वक्त मोटापा, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर (हाइपरटेंशन) के मरीजों की संख्या रॉकेट की रफ्तार से बढ़ रही है।

  • दुनिया की डायबिटीज कैपिटल: भारत को पहले ही वैश्विक स्तर पर दुनिया की “डायबिटीज कैपिटल” (मधुमेह की राजधानी) कहा जाने लगा है। ऐसे में भारतीय समाज में वजन बढ़ने को केवल दिखावे, खान-पान की संपन्नता या सौंदर्य का मुद्दा समझना सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है। Medical Alert: मोटापा नहीं है सिर्फ वजन बढ़ने की समस्या, यह है दिल और किडनी की बीमारियों की असली जड़; अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की नई गाइडलाइन ने दुनिया को चौंकाया

क्या है ‘सीकेएम (CKM) सिंड्रोम’, जिससे डॉक्टर हैं चिंतित?

चिकित्सा विशेषज्ञों ने इस नई गाइडलाइन में एक बेहद महत्वपूर्ण टर्म का इस्तेमाल किया है, जिसे कार्डियोवैस्कुलर-किडनी-मेटाबॉलिक (CKM) सिंड्रोम कहा जाता है।

यह एक ऐसी खतरनाक कूंजी है जिसमें मोटापा सबसे पहले शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ता है (डायबिटीज लाता है), उसके बाद यह सीधे किडनी पर हमला करता है और अंत में दिल को पूरी तरह ब्लॉक या फेल कर देता है। यानी ये तीनों प्रणालियां एक-दूसरे से जुड़ी हैं और इनकी बर्बादी की शुरुआत सिर्फ और सिर्फ मोटापे से होती है।

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