गेंदे की खेती ने बदली किसान अक्षय दुबे की तकदीर: पारंपरिक खेती छोड़ अपनाया फसल विविधीकरण; 50 हजार से अधिक का कमाया शुद्ध मुनाफा
कटनी, yashbharat.com (11 अक्टूबर)। खेतों में खिले गेंदे के पीले और नारंगी फूल न केवल अपनी रंग-रंगोली से प्रकृति को महका रहे हैं, बल्कि कटनी जिले के एक प्रगतिशील किसान के लिए आत्मनिर्भरता और अतिरिक्त आमदनी की नई मिसाल भी बन चुके हैं। विकासखंड बड़वारा के ग्राम निवासी किसान श्री अक्षय दुबे ने पारंपरिक फसलों के ढर्रे से हटकर उद्यानिकी फसलों को अपनाया और गेंदे (Marigold) की व्यावसायिक खेती कर बीते वर्ष करीब 50 से 60 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है।
सरकारी योजना का मिला सहारा, प्रयोग बना मिसाल
कृषक अक्षय दुबे ने उद्यानिकी विभाग की ‘मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर’ (MIDH) योजना का लाभ उठाकर कम क्षेत्रफल में गेंदे की खेती की शुरुआत की थी।
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फसल विविधीकरण (Crop Diversification): कम भूमि पर किए गए इस सफल प्रयोग ने उन्हें यह विश्वास दिलाया कि पारंपरिक फसलों (गेहूं-धान) के साथ यदि बाजार की मांग वाली नकदी और उद्यानिकी फसलों को शामिल किया जाए, तो कृषि को अधिक लाभप्रद बनाया जा सकता है।
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नजरिए में बदलाव: अक्षय दुबे का कहना है कि इस खेती से मिला मुनाफा सिर्फ एक फसल का उत्पादन नहीं, बल्कि खेती को देखने और व्यावसायिक दृष्टिकोण अपनाने का सुखद अनुभव रहा है।
अन्य किसानों को भी पुष्प खेती के लिए कर रहे प्रेरित
गेंदे की खेती से मिली बेहतरीन आर्थिक सफलता के बाद अब अक्षय अपने क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए ‘रोल मॉडल’ बन चुके हैं।
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वे अपने क्षेत्र के साथी किसानों को पारंपरिक खेती के साथ-साथ बाजार की मांग के अनुरूप फूल एवं उद्यानिकी फसलों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
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वे ग्रामीणों को उद्यानिकी विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देकर आधुनिक पुष्प खेती अपनाने के लिए लगातार प्रोत्साहित भी कर रहे हैं।
पीएम मोदी और सीएम डॉ. मोहन यादव का जताया आभार
कृषक अक्षय दुबे ने उद्यानिकी और पुष्प खेती को बढ़ावा देने वाली कल्याणकारी योजनाओं के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि डबल इंजन सरकार की इन योजनाओं के कारण ही छोटे और मध्यम श्रेणी के किसानों को नई कृषि गतिविधियां अपनाने और अपनी आय बढ़ाने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है।

