ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से साफ़ इनकार: बोलीं- “हिम्मत है तो बर्खास्त करें, अब अंतरराष्ट्रीय अदालत में होगी लड़ाई”; बैठक से 10 विधायक गायब। पश्चिम बंगाल चुनाव में पराजय के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी लड़ाई को एक नया और बेहद आक्रामक मोड़ दे दिया है। बुधवार को टीएमसी के नवनिर्वाचित विधायकों के साथ हुई बैठक में ममता बनर्जी ने न केवल इस्तीफे की संभावना को खारिज कर दिया, बल्कि केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे ‘अन्तरराष्ट्रीय अदालत’ ले जाने की चेतावनी दी।
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ममता बनर्जी का इस्तीफा देने से साफ़ इनकार: बोलीं- “हिम्मत है तो बर्खास्त करें, अब अंतरराष्ट्रीय अदालत में होगी लड़ाई”; बैठक से 10 विधायक गायब
“जो हारे हैं, उन्हें जबरदस्ती हराया गया”
ममता बनर्जी ने हार को जनादेश मानने से इनकार करते हुए कहा कि उनके विधायकों को जबरदस्ती हराया गया है। उन्होंने इसके लिए बंगाल पुलिस के एक हिस्से, सीआरपीएफ और चुनाव आयोग की कड़ी निंदा की। ममता ने दावा किया कि:
- प्रदेश भर में 1500 से अधिक टीएमसी कार्यालयों पर कब्जा किया गया है।
- चुनाव के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की हुई, जिससे उनके सीने में दर्द हुआ।
- उन्होंने इसे चुनाव नहीं, बल्कि ‘अत्याचार’ करार दिया।
इस्तीफे का सवाल ही नहीं: “वे मुझे बर्खास्त करें”
ममता बनर्जी ने अपने कड़े रुख को स्पष्ट करते हुए कहा, “मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। अगर वे चाहते हैं तो मुझे बर्खास्त कर दें।” उन्होंने विधानसभा के पहले दिन सभी टीएमसी विधायकों को काले कपड़े पहनकर विरोध जताने का निर्देश दिया और उस दिन को ‘काला दिन’ (Black Day) के रूप में मनाने की बात कही।
पार्टी में टूट के संकेत? 10 विधायक रहे नदारद
ममता बनर्जी द्वारा विपक्ष के नेता का चयन करने के लिए बुलाई गई इस अहम बैठक में एक बड़ी बात सामने आई। पार्टी के 80 नवनिर्वाचित विधायकों में से 10 विधायक बैठक में नहीं पहुंचे। इन 10 विधायकों की अनुपस्थिति ने राजनीतिक गलियारों में ‘पाला बदलने’ की चर्चाओं को हवा दे दी है। हालांकि, ममता ने साफ चेतावनी दी है कि “जिन्होंने विश्वासघात किया है, उन्हें पार्टी से निकाल दिया जाएगा।”
अदालत और भविष्य की रणनीति
ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि:
- टीएमसी के वरिष्ठ नेता बिमान दा चुनाव में हुई कथित धांधली के खिलाफ अदालत जाएंगे।
- जरूरत पड़ी तो पार्टी इस लड़ाई को अन्तरराष्ट्रीय अदालत (International Court) तक ले जाएगी।
- उन्होंने कहा कि वह एक ‘स्वतंत्र पंछी’ हैं और उन्होंने सबके लिए काम किया है, इसलिए वह हार के बावजूद लड़ती रहेंगी।

