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मोदी सरकार का बड़ा फैसला, गेहूं के आटे और मैदे के निर्यात से हटाई पाबंदी; विदेश भेज सकेंगे सूजी-आटा

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, गेहूं के आटे और मैदे के निर्यात से हटाई पाबंदी; विदेश भेज सकेंगे सूजी-आटा

बिजनेस डेस्क (यश भारत): केंद्र सरकार ने गेहूं के आटे और इससे जुड़े अन्य उत्पादों के निर्यात (Export) पर लगी पाबंदी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। सरकार की ओर से निर्यात नीति में किए गए इस बदलाव के बाद अब भारत से गेहूं का आटा, मैदा, सूजी, साबुत गेहूं का आटा और संबंधित उत्पादों को स्वतंत्र रूप से विदेश भेजा जा सकेगा। वर्ष 2022 के बाद यह पहला मौका है जब इन खाद्य उत्पादों का निर्यात पूरी तरह से मुक्त किया गया है।

क्यों हटाई गई पाबंदी?

  • मजबूत आपूर्ति और पैदावार: देश में गेहूं की बेहतर पैदावार और प्रचुर उपलब्धता को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।
  • निर्यातकों और मिलों को राहत: लगभग चार साल से लगी बंदिशों के हटने से भारतीय आटा मिलों और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फिर से अपनी जगह बनाने का मौका मिलेगा।

2022 में क्यों लगा था प्रतिबंध?

  • जुलाई 2022 में फैसला: घरेलू बाजार में गेहूं और आटे की आसमान छूती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 12 जुलाई 2022 को निर्यात पर रोक लगाई गई थी।
  • रूस-यूक्रेन युद्ध का असर: वैश्विक स्तर पर रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में गेहूं के दाम 40% तक बढ़ गए थे। ब्लैक सी क्षेत्र में सप्लाई रुकने के चलते भारत से बड़े पैमाने पर गेहूं बाहर भेजा जा रहा था।
  • कोटा प्रणाली से पूरी छूट तक: स्थिति में सुधार होने पर सरकार ने इस साल की शुरुआत में सालाना 50 लाख टन निर्यात की सीमित अनुमति दी थी, जिसे अब पूरी तरह हटा दिया गया है।

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