अंतर्राज्यीय खैर तस्करी मामले पर बड़ी कार्रवाई- अंतर्राज्यीय खैर तस्करी गिरोह का एक और सदस्य गिरफ्तार; शिवपुरी से दबोचा गया आरोपी, हरियाणा भेजा जाता था कत्थ
कटनी : वन्यजीव शिकार और खैर वनोपज की अवैध कटाई व तस्करी के खिलाफ मध्य प्रदेश में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) और वनमंडल शिवपुरी की संयुक्त टीम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए गिरोह के एक और फरार आरोपी को धर दबोचा। गिरोह का मुख्य सरगना पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।
गाँव में दबिश देकर पकड़ा गया आरोपी मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का नाम भगवान सिंह राजपूत उर्फ भूरा है, जो शिवपुरी जिले के ग्राम ऐरावान का निवासी है। एसटीएसएफ और वन अमले ने उसके पैतृक गांव में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी भगवान सिंह सामान्य वनमंडल शिवपुरी के वन परिक्षेत्र सतनवाड़ा में दर्ज वन अपराध के एक मामले में 7 मई 2025 से फरार चल रहा था और टीम को उसकी लंबे समय से तलाश थी।
झांसी का सरगना पहले ही हो चुका है गिरफ्तार इस संगठित गिरोह के खिलाफ एसटीएसएफ लगातार मुखबिर तंत्र की मदद से कार्रवाई कर रही है। इससे पहले, टीम ने 10 मई को गिरोह के मुख्य सरगना अनूप यादव (निवासी झांसी, उत्तर प्रदेश) को ग्वालियर के घाटीगांव से स्थानीय वनमंडल के सहयोग से गिरफ्तार किया था। सरगना से मिली लीड के आधार पर ही यह दूसरी बड़ी गिरफ्तारी हुई है।
हरियाणा की कत्था फैक्ट्रियों से जुड़े हैं तार अब तक की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि यह एक बेहद संगठित अंतर्राज्यीय गिरोह है। यह गिरोह शिवपुरी, ग्वालियर और मुरैना के जंगलों से कीमती खैर की लकड़ी की अवैध कटाई करता था और इसे ट्रकों में लादकर हरियाणा भेजता था। गौरतलब है कि खैर वनोपज का मुख्य उपयोग पान मसाला और कत्था निर्माण में बड़े पैमाने पर किया जाता है। जांच में इस गिरोह के तार देश के कई अन्य राज्यों से भी जुड़े होने की जानकारी मिली है, जिसकी विवेचना जारी है।

