म.प्र. उच्च न्यायालय ने 1.5 करोड़ रुपये की वसूली मामले में सहकारिता विभाग और जिला सहकारी बैंक पन्ना को जारी किए नोटिस, माँगा जवाब

जबलपुर। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने जिला सहकारी बैंक मर्यादित, पन्ना और सहकारिता विभाग को 1.5 करोड़ रुपये की वसूली के मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। यह मामला बैंक के एक समिति प्रबंधक द्वारा दायर याचिका से संबंधित है, जिसमें उनके खिलाफ अनाज की कथित कमी के आधार पर ₹1,46,01,869/- की वसूली और निलंबन का आदेश जारी किया गया था।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि उनका कार्य केवल खाद्यान्न की खरीद और उसे परिवहनकर्ता को सौंपने तक सीमित था। इसके बावजूद, उन्हें अनाज की कमी का जिम्मेदार ठहराया गया और भारी-भरकम वसूली का आदेश पारित कर दिया गया।

याचिकाकर्ता के वकील आर्यन उरमलिया ने यह भी आरोप लगाया कि उनके मुवक्किल को अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया और न ही कोई जांच प्रक्रिया का पालन किया गया।

न्यायालय ने इस मुद्दे को गंभीर मानते हुए सहकारिता विभाग और जिला सहकारी बैंक को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई निर्धारित तिथि पर होगी।

Exit mobile version