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धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं प्रभु-प्रपन्नाचार्य जी

धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अवतरित होते हैं प्रभु-प्रपन्नाचार्य जी

कटनी। राजीव गांधी वार्ड रबर फैक्ट्री रोड में आयोजित श्रीमदद्भागवत कथा में श्रोता भक्ति प्रेम और आध्यात्म की त्रिवेणी में डुबकी लगा रहे हैं।कथा के चतुर्थ दिवस कथाव्यास बदरी प्रपन्नाचार्य चित्रकूट धाम ने भगवान विष्णु के सतयुग त्रेतायुग और द्वापर में विभिन्न रूपों में लिए अवतार पर विस्तार से वर्णन किया ।

भगवान कृष्ण के अवतार की पुण्यदायिनी बेला पर जैसे ही महराज श्री ने कथा प्रारंभ की सभी श्रोता भक्तिभाव से झूमने लगे।समूचा पण्डाल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की के आकाशीय उद्घोष से गूंजने लगा। नंद बाबा जब भगवान को लेकर पंहुचे लोग प्रफुल्लित हो उठे।

गुलाब की पंखुड़ियों से वर्षा की गई भक्तजन‌ अक्षत और पुष्प अर्पित कर कन्हैया की चरण रज ले रहे थे भजनों में बच्चे, जवान, वृद्धजन और महिलाएं सभी धर्म के रंग में रंगकर नृत्य कर रहे थे। भजन गीतों और जयघोष के बीच कन्हैया का जन्मोत्सव मनाया जा रहा था।भक्तों ने पूरी श्रृद्धा और मनोयोग से पूजन अर्चन किया।

दही माखन मिश्री लड्डू पंजीरी का भोग लगाया गया ।विभिन्न धार्मिक भजनों पर लोग झूम रहे थे। भगवान कृष्ण के नन्हें मुन्ने सखा बने बच्चों को खिलौने वितरित किए और सभी भक्तजनों में प्रसाद स्वरूप वितरित हुआ ।कथा में आयोजक मंडल के द्वारका प्रसाद तिवारी, श्रीमतीशांति देवी ,पंडित राहुल कुमार, रोहित तिवारी,रामकृपाल तिवारी , सुरेंद्र मोहन मिश्रा,सरमन तिवारी, प्रमोद गर्ग,गोल्डन पांडे,दीपक त्रिपाठी, सूरजभान सिंह,श्रीकांत शुक्ला, धर्मेंद्र त्रिपाठी, शिवचरण तिवारी सहित सैकड़ों भक्तो की मौजूदगी रही।

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