दमोह CTO मनीष जैन पर लोकायुक्त का शिकंजा: 13 साल में जुटा ली अकूत संपत्ति; 9 बैंक खातों का चला पता, लेनदेन की जांच तेज
जबलपुर/दमोह। आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की कार्रवाई का सामना कर रहे दमोह में पदस्थ वाणिज्यिक कर अधिकारी (CTO) मनीष कुमार जैन को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि दमोह में उनकी पदस्थापना महज दो महीने पहले (अगस्त 2026) ही हुई थी। लोकायुक्त की टीम अब उनकी काली कमाई और निवेश की कुंडली खंगालने में जुट गई है।
संविदा कर्मचारी से अधिकारी बनने तक का सफर
वर्ष 2003 में एक साधारण संविदा कर्मचारी के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले मनीष जैन ने वाणिज्यिक कर विभाग (Commercial Tax Dept) में इंस्पेक्टर और फिर वाणिज्यिक कर अधिकारी (CTO) तक का सफर तय किया। आरोप है कि महज 13 साल की नियमित सरकारी सेवा के दौरान उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कथित तौर पर करोड़ों की आय से अधिक संपत्ति अर्जित कर ली।
अधिकारी व परिजनों के नाम मिले 9 बैंक खाते
लोकायुक्त संगठन की जांच में आरोपी अधिकारी और उनके परिवार के नाम पर कई बैंक खातों का खुलासा हुआ है:
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अधिकारी के खाते: लोकायुक्त को मनीष जैन के खुद के नाम पर 4 बैंक खाते मिले हैं।
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परिजनों के खाते: उनकी पत्नी निधि जैन, पिता कोमलचंद जैन और मां शशि जैन के नाम पर अलग-अलग 5 अन्य बैंक खाते होने की पुष्टि हुई है।
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बैंकों को पत्र जारी: लोकायुक्त संगठन ने गुरुवार को संबंधित बैंकों को पत्र भेजकर इन सभी 9 खातों में हुए लेनदेन (Transactions) और वर्तमान में जमा राशि का पूरा ब्योरा मांगा है।
इसके साथ ही आरोपी अधिकारी द्वारा जमीनों, मकानों और शेयर बाजार/म्यूचुअल फंड में किए गए अन्य निवेश (Investments) की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

