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Lok Sabha Security Breach: आरोपी सागर ने ‘इंस्टाग्राम पर पोस्ट में लिखा,’जीते या हारे, पर कोशिश तो जरूरी है, अब देखना ये है सफर कितना हसीं होगा

Lok Sabha Security Breach: आरोपी सागर ने ‘इंस्टाग्राम पर पोस्ट में लिखा,’जीते या हारे, पर कोशिश तो जरूरी है, अब देखना ये है सफर कितना हसीं होगा। संसद पर आतंकी हमले की 22वीं बरसी यानी आज सदन में सुरक्षा व्यवस्था में चूक देखने को मिली। संसद की कार्यवाही के दौरान दो शख्स विजिटर्स गैलरी से अचानक नीचे कूद गए और बैंच पर चढ़कर हंगामा करने लगे। इस दौरान उन्होंने जूतों में छिपाए कलर स्मोक को भी उड़ाया। जिससे सदन में धुआं ही धुआं हो गया। संसद के अंदर हंगामा करने वाले आरोपियों की पहचान सागर शर्मा और मनोरंजन डी के रूप में हुई है। वहीं, अन्य दो आरोपी अमोल शिंदे और नीलम ने संसद के बाहर हंगामा किया। पुलिस ने इस मामले में एक अन्य को गुरुग्राम से हिरासत में लिया है।

 

वहीं, आरोपी सागर शर्मा ने अपने आखिरी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आया है। इंस्टाग्राम पर किए गए पोस्ट में उसने लिखा, ‘जीते या हारे, पर कोशिश तो जरूरी है। अब देखना ये है सफर कितना हसीं होगा। उम्मीद है फिर मिलेगी।’

दो ने संसद के बाहर और दो ने अंदर किया हंगामा

लोकसभा में कार्यवाही के दौरान दो लोगों ने दर्शक दीर्घा से छलांग लगाते हुए कलर स्मोक उड़ाया, जिसके बाद पूरी लोकसभा में धुंआ-धुआं नजर आने लगा। इतना ही नहीं ट्रांसपोर्ट भवन के बाहर संसद भवन के गेट के पास भी दो लोग आतिशबाजी करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। इन चारों लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। संसद की सुरक्षा में चूक का मामला ऐसे वक्त में आया है, जब आज ही के दिन यानी 13 दिसंबर को संसद भवन पर आतंकी हमला हुआ था और नौ जवान शहीद हुए थे।

बताया जा रहा है कि दर्शक दीर्घा में कूदे दो शख्स में से एक मैसूर के सांसद के मेहमान के तौर पर संसद पहुंचा था। उसका नाम सागर बताया जा रहा है। बसपा से निष्कासित सांसद दानिश अली ने भी बताया कि पकड़े गए एक युवक का नाम सागर है। बता दें कि मैसूर से प्रताप सिम्हा भाजपा सांसद हैं।

लोकतंत्र के मंदिर पर 22 साल पहले हुआ था हमला

देश के लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर पर 22 साल पहले आतंकी हमला हुआ था। कार सवार पांच आतंकी सुरक्षाकर्मियों को चकमा देकर संसद भवन परिसर में घुस गए थे। हथियारों व गोला-बारूद से लैस आतंकियों ने कार से उतरते ही ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दिया था। इससे संसद भवन के सुरक्षाकर्मियों सहित कुल नौ लोग शहीद हो गए थे।

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