भारत ने चौथे दिन सुबह 110/5 से आगे खेलना शुरू किया। जेम्स एंडरसन ने दिन के पहले ही ओवर में मेजबान टीम को पहली सफलता दिलाई जब उन्होंने दिनेश कार्तिक (20) को स्लिप में डेविड मलान के हाथों झिलवाया।

भारत इससे पहले कभी भी बर्मिंघम में टेस्ट जीत दर्ज नहीं कर पाया है। इससे पहले उसने यहां 6 टेस्ट मैच खेले थे जिनमें से 5 में उसे हार मिली जबकि 1 में उसने जीत दर्ज की थी। भारत को बर्मिंघम में यदि पहली जीत दर्ज करते हुए इतिहास रचना है तो विराट कोहली को दूसरी पारी में भी अहम भूमिका निभानी होगी। पहली पारी में उन्होंने धमाकेदार प्रदर्शन कर 149 रन बनाए थे, यदि उन्होंने दूसरी पारी में शानदार बल्लेबाजी को भारत यह मैच जीत सकता है।

इंग्लैंड को यदि इस मैच को जीतकर सीरीज में बढ़त बनानी है तो चौथे दिन सुबह जल्दी विकेट चटकाने होंगे। इस दिन पहले सत्र के खेल में फैसला होना तय है भले ही कोई भी टीम मैच जीते।

भारत कभी भी इंग्लैंड में 175 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है। इसके अलावा टीम इंडिया पिछले 15 वर्षों में एशिया के बाहर 100 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई है, इन आंकड़ों के चलते यह मुकाबला निश्चित रूप से बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।

इससे पहले तीसरे दिन लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और मुरली विजय मात्र 6 रन बनाकर स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हो गए। अभी भारत इस सदमे से उबरा भी नहीं था कि शिखर धवन (13) ने ब्रॉड की गेंद पर जॉनी बेयरस्टो को कैच थमा दिया। इसके बाद बेन स्टोक्स ने मेहमानों को तीसरा झटका दिया जब उन्होंने केएल राहुल (13) को बेयरस्टो के हाथों झिलवाया। अजिंक्य रहाणे दूसरी पारी में भी फेल हुए और मात्र 2 रन बनाकर कुरैन की गेंद पर बेयरस्टो द्वारा लपके गए। वे ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद को छेड़ने के चक्कर में आउट हुए। रविचंद्रन अश्विन को बल्लेबाजी क्रम में प्रमोट किया गया, लेकिन वे 13 रन बनाकर एंडरसन के शिकार बने। भारत ने पांचवां विकेट 78 के स्कोर पर खो दिया था, इसके बाद विराट और दिनेश कार्तिक ने इस दिन इंग्लैंड को कोई और सफलता हासिल नहीं करने दी।