भागवत कथा श्रवण से मानव में जागृत होता है कर्तव्यबोध: श्री मुरारीदास जी महाराज, श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन भक्त प्रह्लाद प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन
रीठी विकासखंड के ग्राम खम्हरिया नं. 1 स्थित बाबा हरिदास महाराज के बंगले में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के तृतीय दिवस पर भक्तिरस की अविरल धारा बहती रही। वृंदावन धाम से पधारे कथा व्यास शीतल संत श्री मुरारीदास जी महाराज ने भक्त प्रह्लाद प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण एवं प्रेरणादायी वर्णन किया।
कथा के दौरान श्री मुरारीदास जी महाराज ने कहा कि भक्त प्रह्लाद ने माता कयाधु के गर्भ में ही नारायण नाम के मंत्र का श्रवण किया था, जिसके प्रभाव से उनके समस्त कष्ट दूर हो गए। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मानव में कर्तव्यबोध जागृत करता है और जीवन को धर्ममय दिशा प्रदान करता है।
कथा का शुभारंभ गुरु वंदना से हुआ। इसके पश्चात शुकदेव जी के जन्म प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया गया। साथ ही भगवान श्रीकृष्ण की पावन लीलाओं का भी सुंदर चित्रण किया गया। कथा व्यास ने कहा कि बचपन में दिए गए संस्कार जीवन भर साथ रहते हैं, इसलिए बच्चों को प्रारंभ से ही धर्म और आध्यात्म का ज्ञान देना चाहिए। माता-पिता की सेवा, प्रेम और समाज में सद्भावपूर्वक जीवन यापन ही धर्म का मूल है।
उन्होंने ध्रुव प्रह्लाद जैसे महान बाल भक्तों का उदाहरण देते हुए बताया कि अच्छे संस्कारों के कारण ही ध्रुव जी को मात्र पांच वर्ष की आयु में भगवान के दर्शन प्राप्त हुए और उन्हें 36 हजार वर्षों तक राज्य भोगने का वरदान मिला। ऐसी घटनाओं से हमें प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर संकीर्तन मंडली के सदस्यों ने प्रभु महिमा का गुणगान करते हुए अनेक मनमोहक भजनों की प्रस्तुति दी, जिन पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे।
कार्यक्रम में ग्राम जमुनिया के सरपंच श्री राजू राय, मध्यप्रदेश जनअभियान परिषद के विकासखंड समन्वयक रीठी श्री जगन सिंह मसराम, परामर्शदाता श्रीमती रूपा बर्मन, श्री धनीराम यादव, पिपरिया परोहा के सचिव श्री अमर बहादुर यादव, श्री अशोक यादव (सचिव, खम्हरिया), श्री जगदम्बा विश्वकर्मा, श्री श्यामसुंदर विश्वकर्मा, रघुवीर पटेल, कांता सिंह राठौर, श्री विशाली यादव, पुलकित केसरवानी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।