कोर्ट की सुनवाई में ‘रोबोट’ बनकर आए वकील साहब- पहचान छिपाने पर भड़का एनजीटी; बार काउंसिल को दिए कार्रवाई के आदेश
भोपाल: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच की ऑनलाइन सुनवाई के दौरान एक बेहद अजीब और आपत्तिजनक मामला सामने आया है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चल रही अदालती कार्यवाही के दौरान एक अधिवक्ता ने अपनी वास्तविक पहचान छिपाने के लिए अपनी स्क्रीन पर रोबोट की तस्वीर (Avatar) लगा ली।
एनजीटी ने इसे न्यायपालिका की गरिमा के खिलाफ और अत्यंत आपत्तिजनक मानते हुए संबंधित वकील को सख्त चेतावनी दी है, साथ ही मामले को राज्य बार काउंसिल (State Bar Council) को भेज दिया है।
क्या है पूरा मामला?
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मामले की पृष्ठभूमि: एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच में राजस्थान के राजेंद्र यादव बनाम एचपीसीएल एवं अन्य से जुड़े एक केस की सुनवाई चल रही थी।
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याचिका का विषय: याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि एचपीसीएल (HPCL) द्वारा संतोष कुमार सैनी को दी गई पेट्रोल पंप की डीलरशिप आवासीय क्षेत्र के निर्धारित न्यूनतम दूरी मानकों का उल्लंघन करती है।
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रोबोट की तस्वीर से हड़कंप: बुधवार को जब मामले पर सुनवाई शुरू हुई, तो खुद को अधिवक्ता प्रशांत तिवारी बताने वाले व्यक्ति की स्क्रीन पर चेहरे की जगह एक रोबोट की फोटो दिखाई दे रही थी। इसके कारण कोर्ट के सामने वकील की वास्तविक पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी।
NGT की सख्त कार्रवाई और निर्देश
एनजीटी की पीठ ने वकील के इस रवैये पर कड़ा रुख अपनाते हुए निम्नलिखित आदेश जारी किए:
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सख्त चेतावनी: अधिकरण ने अधिवक्ता प्रशांत तिवारी को भविष्य में इस तरह की हरकत न दोहराने और अदालती कार्यवाही के दौरान सावधानी बरतने की हिदायत दी।
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बार काउंसिल को पत्र: एनजीटी ने वकील के इस आचरण और अनुशासनहीनता की पूरी जानकारी राज्य बार काउंसिल को भेजने के निर्देश दिए हैं, ताकि उनके खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) की जा सके।
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