IPL सट्टे के खिलाफ कोतवाली पुलिस का बड़ा ‘क्लीन स्वीप’: शहर के 6 ठिकानों पर दबिश, ‘सिल्वर एक्सचेंज’ आईडी से चल रहा था सट्टे का बड़ा खे
कटनी। आईपीएल (IPL) के शुरू होते ही सट्टे के काले कारोबार ने शहर में अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दी थीं, लेकिन रविवार की रात कोतवाली पुलिस ने इस नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। नगर पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने देर रात शहर के 6 अलग-अलग संवेदशनशील इलाकों में छापेमारी कर आईपीएल सट्टा संचालित कर रहे आरोपियों को दबोचा है। इस कार्रवाई में ऑनलाइन आईडी ‘सिल्वर एक्सचेंज’ के जरिए करोड़ों के दांव लगाने वाले सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है।
बजाज पैथोलॉजी और संतोषी माता मंदिर के पास ‘स्ट्राइक’
पुलिस टीम ने पहली कार्रवाई नई बस्ती में बजाज पैथोलॉजी के पास की, जहां पंकज उर्फ हेमंत खटीक (34) को मोबाइल पर सट्टा खेलते रंगे हाथों पकड़ा गया। पूछताछ में कटनी के बड़े नाम विजय उर्फ लल्लू नागवानी और राहुल छावड़ा के भी इस कारोबार से जुड़े होने की पुष्टि हुई है।
वहीं, संत नगर (संतोषी माता मंदिर) के पास से पुलिस ने विक्की पुरुषवानी (40) को गिरफ्तार किया। आरोपी के मोबाइल की जांच करने पर ‘SILVER EXCH ID’ खुली मिली, जिसके माध्यम से वह ग्राहकों को सट्टा खिलवा रहा था। इसमें पिंका उर्फ रविंद्र आडवाणी और समीर गंगवानी उर्फ डेविड की संलिप्तता भी सामने आई है।
बस स्टैंड और सर्कस मैदान: RCB-CSK मैच पर लग रहे थे दांव
कार्रवाई का दूसरा चरण बस स्टैंड और सर्कस मैदान में चला। बस स्टैंड गैस गोदाम के पास से आजाद अहमद को पकड़ा गया, जो मोबाइल पर RCB बनाम CSK के मैच पर सट्टा ले रहा था। इसके पास से नगदी ₹200 और मोबाइल जब्त किया गया। वहीं, सर्कस मैदान से साजिद अली को पकड़ा गया, जिसके पास से आईपीएल सट्टे के हिसाब-किताब के साथ ₹150 और मोबाइल बरामद हुआ।
LIC ऑफिस और शंभू टॉकीज के पास घेराबंदी
पुलिस ने LIC ऑफिस के पीछे दबिश देकर राम निषाद (35) निवासी नई बस्ती को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से ₹8000 का एंड्रायड मोबाइल और सट्टे के स्क्रीनशॉट की कॉपियां सहित ₹1200 नगद जब्त किए गए। जांच में पता चला कि वह माधवनगर के राहुल छावड़ा के साथ मिलकर सट्टा चला रहा था। अंतिम कार्रवाई शंभू टॉकीज के पास की गई, जहां विजय मूलचंदानी को वीवो कंपनी के मोबाइल के साथ आईपीएल पर हार-जीत का दांव लगाते पकड़ा गया।
इन धाराओं में दर्ज हुए मामले
कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध 4(ए) पब्लिक गैंबलिंग एक्ट (सट्टा एक्ट) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 49 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है।

