कोटा/भोपाल/बैतूल। कोटा एक्सप्रेसवे हादसा शनिवार सुबह राजस्थान और मध्यप्रदेश के कई परिवारों के लिए गहरा दुख लेकर आया। कोटा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भोपाल से खाटूश्यामजी दर्शन के लिए जा रही श्रद्धालुओं से भरी ट्रैवलर अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दर्दनाक सड़क हादसे में 8 लोगों की मौत हुई है, जबकि 17 लोग घायल हुए हैं।
कोटा एक्सप्रेसवे हादसा कैसे हुआ
मिली जानकारी के मुताबिक ट्रैवलर में भोपाल से रवाना हुए यात्री सवार थे, जो राजस्थान के प्रसिद्ध खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। शनिवार सुबह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कोटा क्षेत्र में वाहन अनियंत्रित हो गया और पुलिया से नीचे जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
हादसे की असली वजह अभी साफ नहीं है। प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही कारण और मृतकों की आधिकारिक सूची की पुष्टि होगी।
मुलताई के परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
इस कोटा हादसे में बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र के परिवारों के सदस्य प्रभावित बताए जा रहे हैं। परिवारों के परिचित सतीश घोड़की के अनुसार, ट्रैवलर में सवार ज्यादातर लोग आपस में रिश्तेदार थे। इनमें जामगांव और मीरापुर क्षेत्र से जुड़े परिवार शामिल थे, जो रोजगार के सिलसिले में भोपाल में रह रहे थे।
मृतकों में करीब 24 वर्ष की एक कॉलेज छात्रा के होने की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि उसका संबंध मुलताई क्षेत्र से था। सतीश घोड़की ने बताया कि शनिवार सुबह उन्हें फोन पर हादसे की सूचना मिली। खबर मिलते ही रिश्तेदार बैतूल से राजस्थान के लिए रवाना हो गए और अस्पतालों में भर्ती लोगों की जानकारी जुटाने में लगे हैं।
कोटा हादसे में बैतूल के पांच घायलों के नाम
अब तक बैतूल जिले के पांच घायलों की पहचान सामने आई है:
- हेमलता संतोष गायकवाड़ (41), निवासी सदर, बैतूल
- मोहनिश झरबड़े (21), पिता रविन्द्र झरबड़े, निवासी घाट बिरोली, मुलताई
- रीता झरबड़े (25), निवासी मीरापुर, बैतूल
- वेदांत झरबड़े (14), पिता योगेश झरबड़े, निवासी घाट बिरोली
- सारांश झरबड़े (11), पिता कमलेश झरबड़े, निवासी घाट बिरोली
घायलों में दो बच्चे भी हैं, जिनकी उम्र 14 और 11 साल बताई गई है। बाकी घायलों और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
कोटा एक्सप्रेसवे हादसे पर नेताओं ने जताया दुख
हादसे की सूचना के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और गहरा दुख व्यक्त किया। एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए उन्होंने बताया कि इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव और मुख्य सचिव से चर्चा हुई है।
खंडेलवाल के अनुसार मध्यप्रदेश और राजस्थान की सरकारें इस मामले में सक्रियता से काम कर रही हैं और पीड़ित परिवारों व घायलों तक हर संभव सहायता पहुंचाई जा रही है।
एक्सप्रेसवे पर सफर करते समय इन बातों का रखें ध्यान
तेज रफ्तार वाले एक्सप्रेसवे पर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान थोड़ी सी चूक भी जानलेवा हो सकती है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ आमतौर पर ये सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं:
- लंबे सफर में हर कुछ घंटे बाद रुककर आराम करें, ड्राइवर को थकान या नींद में गाड़ी न चलाने दें।
- वाहन की रफ्तार तय सीमा के भीतर रखें और सीट बेल्ट जरूर लगाएं।
- यात्रा पर निकलने से पहले टायर, ब्रेक और वाहन की फिटनेस जांच लें।
- आपात स्थिति में एक्सप्रेसवे की हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क करें। एक्सप्रेसवे से जुड़ी जानकारी NHAI की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है।
प्रशासन की जांच और अपडेट का इंतजार
कोटा एक्सप्रेसवे हादसे की जांच जारी है। मृतकों की आधिकारिक सूची और हादसे के सटीक कारण की पुष्टि प्रशासन की ओर से होना बाकी है। यह खबर प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। नई जानकारी मिलते ही इसे अपडेट किया जाएगा।

