BJP अध्यक्ष पद की दौड़ में क्यों सबसे आगे हैं हेमंत खंडेलवाल? जानिए पूरी प्रोफाइल
BJP अध्यक्ष पद की दौड़ में क्यों सबसे आगे हैं हेमंत खंडेलवाल? जानिए पूरी प्रोफाइल
BJP अध्यक्ष पद की दौड़ में क्यों सबसे आगे हैं हेमंत खंडेलवाल? जानिए पूरी प्रोफाइल
BJP अध्यक्ष पद की दौड़ में क्यों सबसे आगे हैं हेमंत खंडेलवाल? जानिए पूरी प्रोफाइल। मध्य प्रदेश में बीजेपी को आज अपना नया मुखिया मिलने वाला है. केंद्रीय मंत्री और चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान आज भोपाल पहुंच रहे हैं, जो बीजेपी के नए अध्यक्ष का नामांकन फॉर्म जमा करवाएंगे।
BJP अध्यक्ष पद की दौड़ में क्यों सबसे आगे हैं हेमंत खंडेलवाल? जानिए पूरी प्रोफाइल
इस रेस में सबसे मजबूत नाम बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल का माना जा रहा हैं, राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वह मध्य प्रदेश बीजेपी के नए
BJP अध्यक्ष पद की दौड़ में क्यों सबसे आगे हैं हेमंत खंडेलवाल? जानिए पूरी प्रोफाइल
मुखिया हो सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक सीएम मोहन यादव से लेकर संघ और बाकि बड़े नेता भी हेमंत खंडेलवाल के नाम पर सहमत हैं, ऐसे में यह जानना भी जरूरी हो जाता है कि हेमंत खंडेलवाल बीजेपी के नए मुखिया क्यों बन सकते हैं, जिसकी कई राजनीतिक वजहें बताई जा रही हैं।
कौन हैं हेमंत खंडेलवाल
हेमंत खंडेलवाल फिलहाल बैतूल विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक हैं और उन्हें राजनीति विरासत में मिली है. हेमंत के पिता विजय कुमार खंडेलवाल बीजेपी के दिग्गज नेता थे और बैतूल से सांसद थे. 2008 में उनके निधन के बाद हेमंत खंडेलवाल पूरी तरह से राजनीति में सक्रिए हुए थे, वह पिता के निधन के बाद 2008 में पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने थे. इसके बाद 2013 के विधानसभा चुनाव में वह बैतूल विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक चुने गए थे, जबकि 2023 में वह दूसरी बार बैतूल विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक चुने गए हैं. हेमंत मध्य भारत अंचल में बीजेपी का बड़ा नाम माने जाते हैं।
हेमंत खंडेलवाल पर क्यों दांव लगा सकती हैं बीजेपी
निर्विवाद छवि
हेमंत खंडेलवाल के पास सियासी अनुभव पुराना है, लेकिन उनकी सबसे बड़ी खासियत यह निर्विवाद छवि का होना है. बताया जा रहा है कि उनके नाम पर मध्य प्रदेश बीजेपी के सीनियर नेता भी राजी हैं, क्योंकि हेमंत के बाद संगठन में काम करने का पुराना अनुभव रहा है, पार्टी के कोषाध्यक्ष और बैतूल के जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं. जिससे उनके नाम पर सहमति बनती दिख रही है।