भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए बच्चों का अवकाश एक सप्ताह और बढाने तथा शिक्षकों के लिए शाला समय प्रात: कालीन करने की मांग की शासकीय शिक्षक संगठन ने
भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए बच्चों का अवकाश एक सप्ताह और बढाने तथा शिक्षकों के लिए शाला समय प्रात: कालीन करने की मांग की शासकीय शिक्षक संगठन ने
मध्यप्रदेश में मौसम के लेट होने के कारण नौतपा की तपिश का प्रभाव वर्तमान में दिखायी दे रहा है । ग्रामीण तो ग्रामीण शहरी क्षेत्रों में भी विद्युत कनेक्शन एवं हैण्डपंप तो अधिकांश विद्यालय में हैं, परन्तु न तो पूरे समय विद्युत का प्रवाह रहता है और न ही हैण्डपंपों में पानी है ।
इन स्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए शासकीय शिक्षक संगठन के प्रान्ताध्यक्ष राकेश दुबे ने संचालक लोकशिक्षण संचालनालय गौतम नगर भोपाल मध्यप्रदेश सहित प्रदेश के समस्त कलेक्टरों को पत्र लिख कर यह अनुरोध किया है कि यह विषम स्थिति बच्चों के लिए कष्टदायक तो होगी ही, उनकी उपस्थिति भी प्रभावित होगी और बिना बच्चों के इस भीषण गर्मी में पानी और बिजली की अनुपलब्धता के साथ शिक्षकों को सारा दिन विद्यालय में बैठाये रखना भी औच्त्यिहीन है । वर्तमान में एफएलएन सहित अनेक प्रशिक्षण भी चल रहे हैं, जिससे भी पूरे शिक्षक विद्यालय में नहीं पहुंच पा रहे हैं ।
संगठन ने कटनी शहर के माध्यमिक शाला पहरूआ का उदाहरण देते हुए बताया कि शहरी क्षेत्र का विद्यालय होने के बावजूद भी वहां शिक्षकों को बॉटल का पानी खरीद कर पीना पड रहा है या फिर सडक पार करके हैण्डपंप से पानी लेने जाते हैं, शिक्षक तो फिर भी यह कर सकते हैं, परन्तु तेज वाहनों के चलते जब विद्यालय में पानी के अभाव के कारण बच्चे सडक पार करके पानी लेने जाएंगे, तब यह सीधे-सीधे दुर्घटना को आमंत्रित करने वाला होगा।और यह केवल उदाहरण मात्र है, यह स्थिति अनेक विद्यालयों में है, ग्रामीण विद्यालयों में स्थिति और भी ज्यादा कष्टदायक है।
शासकीय शिक्षक संगठन के जिला संयोजक देवेन्द्र तिवारी, अध्यक्ष रजनीश तिवारी , प्रदेश संगठन मंत्री मनीष सिंह गौतम, अवधेश पाण्डेय, हरीश दुबे, शालिनी तिवारी, अनिता यादव , माधुरी तिवारी, मीना शुक्ला , संदीप मिश्रा, मनरमन पाण्डेय, अरूण सिंह परिहार, शैलेन्द्र खम्परिया, श्यामलाल राजपाल,गंगाराम पटैल, अरूण दुबे, आशीष चौरसिया, अजय उपाध्याय, दीपक नामदेव, राजा सोनकर, चंद्रशेखर जायसवाल, अनूप तिवारी, महावीर अहिरवार, अनूप श्रीवास्तव आदि पदाधिकारियों ने उपरोक्त परिस्थितियों एवं भीषण गर्मी को दृष्टिगत रखते हुए बच्चों का अवकाश एक सप्ताह और बढाने तथा वर्तमान में शिक्षकों के लिए शाला समय प्रात:कालीन करने के निर्देश जारी करने की मांग की है ।