कटनी बनेगा मध्य प्रदेश की ‘माइनिंग कैपिटल’, बड़वारा में 50 हेक्टेयर का डोलोमाइट क्षेत्र आरक्षित
कटनी बनेगा मध्य प्रदेश की 'माइनिंग कैपिटल', बड़वारा में 50 हेक्टेयर का डोलोमाइट क्षेत्र आरक्षित
कटनी बनेगा मध्य प्रदेश की ‘माइनिंग कैपिटल’, बड़वारा में 50 हेक्टेयर का डोलोमाइट क्षेत्र आरक्षित। चूना नगरी के नाम से मशहूर कटनी अब अपनी पहचान का विस्तार कर वैश्विक मानचित्र पर ‘माइनिंग हब’ के रूप में स्थापित होने जा रहा है। जिला प्रशासन की सक्रियता और राज्य सरकार के बड़े फैसलों के चलते कटनी अब प्रदेश की ‘खनिज राजधानी’ (Mining Capital) बनने की राह पर है।
कटनी बनेगा मध्य प्रदेश की ‘माइनिंग कैपिटल’, बड़वारा में 50 हेक्टेयर का डोलोमाइट क्षेत्र आरक्षित
बड़वारा में औद्योगिक क्रांति की सुगबुगाहट
राज्य शासन ने बड़वारा तहसील के बड़ेरा और बचरबाड़ा ग्राम में 50 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में तीन बड़े डोलोमाइट ब्लॉक्स को ‘माइनिंग कार्पोरेशन’ के लिए आरक्षित कर दिया है। इस बड़े फैसले से जिले में करोड़ों के निवेश और हजारों नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
खनिजों का ‘सुपरमार्केट’ बना कटनी
कटनी की धरती अब केवल चूना पत्थर (Limestone) और मार्बल तक सीमित नहीं है। यहाँ के गर्भ से अब सोना और कोयला जैसे बेशकीमती खनिजों के नवीन भंडार भी मिले हैं। वर्तमान में यहाँ 20 से अधिक प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं, जो इसे देश के सबसे समृद्ध खनिज क्षेत्रों में से एक बनाते हैं।
राजस्व में 60% का रिकॉर्ड उछाल
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने खनिज प्रबंधन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
आय में वृद्धि: विगत वर्षों की औसत आय जो 100 करोड़ रुपये थी, वह अब बढ़कर 160 करोड़ रुपये वार्षिक के पार पहुँच गई है।
स्थानीय उपयोग पर जोर: प्रशासन का लक्ष्य अब सिर्फ पत्थर निकालना नहीं, बल्कि स्थानीय स्तर पर फैक्ट्रियां लगाकर तैयार माल (Finished Goods) निर्यात करना है।
हाईटेक हुआ माइनिंग विभाग: अवैध खनन पर ‘डिजिटल’ प्रहार
अवैध उत्खनन को रोकने के लिए प्रशासन ने तकनीक का सहारा लिया है:
ई-चेक गेट: बड़वारा रोड पर आधुनिक ई-चेक गेट से हर वाहन की ऑनलाइन जांच हो रही है।
सर्विलांस सिस्टम: माइनिंग सर्विलांस सिस्टम के जरिए खदानों की लाइव निगरानी की जा रही है।
कलेक्टर का संदेश: “हमारा लक्ष्य पारदर्शिता के साथ राजस्व बढ़ाना और कटनी की खनिज संपदा का लाभ स्थानीय युवाओं को रोजगार के रूप में दिलाना है।”