Katni Revenue Review Meeting: कटनी कलेक्टर की सख्त चेतावनी; समय पर नहीं निपटे राजस्व मामले तो अधिकारियों पर लगेगा जुर्माना, 3 महिला तहसीलदारों को फटकार
कटनी: जिले के राजस्व प्रशासन को अधिक जवाबदेह, जन-हितैषी और परिणाममूलक बनाने के लिए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने शनिवार को एक मैराथन समीक्षा बैठक ली। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में कलेक्टर ने दो टूक शब्दों में कहा कि हर राजस्व अधिकारी को पूरी जवाबदेही के साथ काम करना होगा। बंटवारा, सीमांकन और नामांतरण जैसे आम जनता से जुड़े मामलों में समय-सीमा (Time Limit) के भीतर निराकरण न होने पर ‘लोक सेवा गारंटी अधिनियम’ के तहत सीधे दंडात्मक और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
इस उच्च स्तरीय बैठक में सहायक कलेक्टर श्लोक वाइकर, संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र पटेल सहित जिले के सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार मौजूद रहे।
काम में लापरवाही पर 3 महिला अफसरों को फटकार
समीक्षा के दौरान सीएम हेल्पलाइन और राजस्व मामलों के निपटारे में ढीली प्रोग्रेस (कम प्रगति) पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की:
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इन अधिकारियों को निर्देश: रीठी तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया, बिलहरी नायब तहसीलदार अनुराधा सिंह तथा कन्हवारा एवं मझगवां नायब तहसीलदार अवंतिका तिवारी के क्षेत्रों में अपेक्षाकृत कम काम होने पर कलेक्टर ने उन्हें तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने और लंबित मामलों को युद्धस्तर पर निपटाने की सख्त हिदायत दी।
जनगणना 2027: कटनी ने मारी बाजी, शत-प्रतिशत काम पूरा
बैठक में जिले के लिए एक बड़ी और गौरवशाली उपलब्धि भी सामने आई। आगामी जनगणना 2027 के अंतर्गत जिले में मकान सूचीकरण (House Listing) एवं मकान गणना का कार्य 100% पूरा कर लिया गया है।
कलेक्टर का विशेष निर्देश: इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर संतोष जताते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वर्तमान में जो 620 मकान ताला बंद मिले हैं, अधिकारी-कर्मचारी 30 मई के पहले वहां दोबारा जाएं और बंद घरों की जानकारी अपडेट करें, ताकि कोई भी परिवार डेटाबेस से न छूटे।
किसानों के लिए अहम फैसले: हर नए भूमिस्वामी की बनेगी ‘फार्मर आईडी’ (Farmer ID)
बैठक में किसानों के कल्याण और डिजिटल एग्रीकल्चर को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए:
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फार्मर आईडी अनिवार्य: अब जिला पंजीयक (रजिस्ट्री) कार्यालय से तहसीलवार जमीनों की रजिस्ट्रियों का डेटा लिया जाएगा। इसके आधार पर हर नए जमीन मालिक (भूमिस्वामी) का अनिवार्य रूप से ‘फार्मर रजिस्ट्रेशन’ करवाकर उसकी यूनिक फार्मर आईडी तैयार की जाएगी।
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पीएम किसान सम्मान निधि: 31 मार्च की स्थिति में जिले के जितने भी पात्र भू-स्वामी हैं, उनका शत-प्रतिशत ई-केवाईसी (e-KYC) और आधार लिंकिंग कराया जाएगा। इसके लिए हर हल्का पटवारी से लिखित में सर्टिफिकेट (प्रमाण-पत्र) लिया जाएगा।
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जायद गिरदावरी: 30 जून तक मूंग और उड़द की फसलों की गिरदावरी होनी है। कलेक्टर ने साफ किया कि रिकॉर्ड में केवल वही फसल दर्ज हो जो वास्तव में खेत में बोई गई है, इसमें किसी भी स्तर पर पटवारियों की मनमानी नहीं चलेगी।
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फौती नामांतरण: ग्रामीण और विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में किसी व्यक्ति की मृत्यु के बाद उसके उत्तराधिकारियों के नाम जमीन ट्रांसफर (फौती नामांतरण) के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर शून्य करने के निर्देश दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन: औपचारिकता नहीं, संवेदनशीलता पैमाना
कलेक्टर श्री तिवारी ने स्पष्ट किया कि सीएम हेल्पलाइन (CM Helpline 181) की शिकायतों को केवल कागजों पर बंद करना प्रशासन का मकसद नहीं है। यह जनता के प्रति हमारी संवेदनशीलता का पैमाना है। उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने स्तर पर इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें और लंबे समय से पेंडिंग शिकायतों को विशेष कैंप लगाकर बंद करवाएं। बैठक में साइबर तहसील, सातवीं लघु सिंचाई संगणना और राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन (Digitization of Land Records) की भी विस्तार से समीक्षा की गई।Katni Revenue Review Meeting: कटनी कलेक्टर की सख्त चेतावनी; समय पर नहीं निपटे राजस्व मामले तो अधिकारियों पर लगेगा जुर्माना, 3 महिला तहसीलदारों को फटकार

