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Katni : MPEB की जमीन का सीमांकन नहीं कर रहे रीठी तहसीलदार

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कटनी रीठी। रीठी तहसील के अंतर्गत सीमांकन के आवेदनों में तहसीलदार कार्यालय द्वारा घोर लापरवाही बरती जा रही है, जिसके चलते शासकीय भूमि पर आवंटित भवनों के निर्माण में देरी हो रही है। ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश विद्युत मंडल को आवंटित जमीन का है, जहां सीमांकन के लिए करीब 9 महीने पहले आवेदन दिए जाने के बाद भी तहसीलदार द्वारा अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है।

मप्र विद्युत मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा इस संबंध में तहसीलदार को कई आवेदन भी दिए गए हैं, लेकिन अब तक सीमांकन के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। इस संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील रीठी के अंतर्गत ग्राम ममार में खसरा नंबर 485 पटवारी हल्का नंबर 13/24 में विद्युत उपकेन्द्र के लिए 0.0440 हैक्टेयर भूमि आवंटित है।

जिसका सीमांकन नहीं होने की वजह से एमपीईबी की जमीन पर अवैध कब्जा हो रहा है। जिसके चलते रीठी विद्युत मंडल के कनिष्ट यंत्री द्वारा जमीन के सीमांकन के लिए विगत 16 मार्च को आवेदन दिया गया था, जिस पर रीठी तहसीलदार द्वारा आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई।

तहसीलदार द्वारा इस मामले में उदासीनता बरते जाने के बाद कार्यपालन यंत्री द्वारा 23 अप्रैल को एक पत्र लिखकर रीठी तहसीलदार से जमीन के सीमांकन का निवेदन किया गया लेकिन सुस्त व्यवस्था के चलते सीमांकन की कार्यवाही नहीं की गई। बताया जाता है कि एमपीईबी को एक नया ऑफिस बनाना है, जिसके लिए सीमांकन का आवेदन किया गया है। विभागीय सूत्रों ने यश भारत को बताया कि एमपीईबी कटनी व रीठी के अधिकारियों द्वारा रीठी तहसीलदार से सीमांकन हेतु तहसील कार्यालय जाकर तहसीलदार से मुलाकात भी की गई थी, जिसमे उनके द्वारा 2 से 3 दिन के अंदर सीमांकन का आश्वसन भी दिया गया, वावजूद आज तक सीमांकन नहीं किया गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब शासकीय आवेदनों पर तहसीलदार कार्यालय का यह रवैया है तो आम जनता के आवेदनों पर किस तरह कार्यवाही की जाती होगी।
इनका कहना है
यह मामला संज्ञान में आया है। पूर्व में आवेदन दिया गया होगा, जिसकी जानकारी मुझे नहीं है। विगत 1 माह पूर्व ही रीठी न्यायालय का प्रभार लिया है। 2 से 3 दिन के अंदर एमपीईबी की जमीन का सीमांकन कर दिया जाएगा।
-राजेश पांडे, तहसीलदार

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