कटनी कलेक्टर का बड़ा हंटर: समय-सीमा बीतने के बाद निपटाए 192 आवेदन; एसडीएम, तहसीलदार और पंचायत सचिवों समेत दर्जनों को कारण बताओ नोटिस। कटनी जिले में शासकीय कार्यों और नागरिक सेवाओं में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत तय समय-सीमा बीत जाने के बाद आवेदनों का निराकरण करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने अधिनियम का उल्लंघन करने वाले विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, तहसीलदारों और ग्राम पंचायत सचिवों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर जवाब तलब किया है।
कटनी कलेक्टर का बड़ा हंटर: समय-सीमा बीतने के बाद निपटाए 192 आवेदन; एसडीएम, तहसीलदार और पंचायत सचिवों समेत दर्जनों को कारण बताओ नोटिस
लोक सेवा गारंटी पोर्टल की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि जिले के विभिन्न कार्यालयों द्वारा कुल 192 आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद किया गया, जो कि सीधे तौर पर ‘लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2010’ के नियमों के विपरीत है।
लापरवाही का पूरा ब्यौरा: किस विभाग ने कितने आवेदन अटकाए?
कलेक्टर की समीक्षा में लोक सेवा गारंटी के नियमों को ताक पर रखने वाले विभागों और अधिकारियों की लंबी सूची उजागर हुई है:
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नाप-तौल विभाग: सबसे ज्यादा लापरवाही नाप-तौल विभाग में मिली, जहां 100 आवेदन समय-सीमा बीतने के बाद निपटाए गए।
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तहसील एवं राजस्व अमला: तहसीलदार स्लीमानाबाद द्वारा 6 और नायब तहसीलदार धरवारा द्वारा 5 आवेदनों को अटकाया गया। इसके अलावा नायब तहसीलदार उमरियापान, तहसील कटनी ग्रामीण, नायब तहसीलदार कौड़िया और नायब तहसीलदार कन्हावरा द्वारा 3-3 आवेदनों का निराकरण देरी से किया गया। नायब तहसीलदार पहाड़ी के यहां भी 1 आवेदन पेंडिंग रहा।
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नगरीय निकाय: नगर पंचायत बरही द्वारा 3 आवेदनों में लापरवाही बरती गई।
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वरिष्ठ अधिकारी व जनपद: एसडीएम बहोरीबंद (SDM) और जनपद पंचायत बड़वारा के स्तर पर भी 1-1 आवेदन समय-सीमा के बाद निराकृत पाया गया।
ग्राम पंचायतों के सचिवों पर भी गिरी गाज
निचले स्तर पर जनता के काम रोकने के मामले में दर्जनों ग्राम पंचायतों के सचिवों को भी नोटिस थमाया गया है:
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3-3 आवेदन लेट करने वाली पंचायतें: नन्हावरा, देवरी और छिहाईपिपरिया।
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2-2 आवेदन लेट करने वाली पंचायतें: भैसवाही, झिरिया, बाकल, झरेला, भुड़सा, पंशोकर, कुठिया महगवां, हदरहटा, भदौरा, लालपुर और भटगवां।
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1-1 आवेदन लेट करने वाली पंचायतें: घुनौर, पथरहटा, खिरवा नंबर 1, खलवारा, उरदानी, जारारोडा, मड़ई, पटवारा, खमतरा, तिलगवां, डिठवारा, पोड़ी, हीरापुर कौड़िया, हिरावारा, बिरहुली, थनौरा, गुलवारा, बरयारपुर, रैपुरा, धुधरी, बड़खेरा, बनसान, लखनखेड़ा, कुम्हरवारा, नदावन, बुजबुजा, कुआं, पथवारी, कछारगांव, मंगेली, बरेली और बिचपुरा।
7 दिन में देना होगा जवाब, नहीं तो सीधे लगेगा जुर्माना
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सभी संबंधित अधिकारियों, नगर परिषद सीएमओ (CMO), नापतौल निरीक्षकों और ग्राम पंचायत सचिवों को जारी नोटिस में दो टूक कहा है कि यह कृत्य लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2010 की धारा 6 एवं 7 के विपरीत है।
कलेक्टर की सख्त चेतावनी: “सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी 7 कार्यदिवस के भीतर इन समय-बाह्य (Time-barred) आवेदनों के संबंध में अपना पालन प्रतिवेदन और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। यदि तय समय में प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधितों के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए शास्ति (जुर्माना/Penality) अधिरोपित की जाएगी।”

