Site icon Yashbharat.com

कटनी कलेक्टर का बड़ा हंटर: समय-सीमा बीतने के बाद निपटाए 192 आवेदन; एसडीएम, तहसीलदार और पंचायत सचिवों समेत दर्जनों को कारण बताओ नोटिस

कमजोर रिजल्ट पर सख्ती: कक्षा 5वीं-8वीं के खराब प्रदर्शन पर 33 शिक्षकों को नोटिस

कमजोर रिजल्ट पर सख्ती: कक्षा 5वीं-8वीं के खराब प्रदर्शन पर 33 शिक्षकों को नोटिस

कटनी कलेक्टर का बड़ा हंटर: समय-सीमा बीतने के बाद निपटाए 192 आवेदन; एसडीएम, तहसीलदार और पंचायत सचिवों समेत दर्जनों को कारण बताओ नोटिस।  कटनी जिले में शासकीय कार्यों और नागरिक सेवाओं में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों की अब खैर नहीं है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत तय समय-सीमा बीत जाने के बाद आवेदनों का निराकरण करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर ने अधिनियम का उल्लंघन करने वाले विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, तहसीलदारों और ग्राम पंचायत सचिवों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर जवाब तलब किया है।

ट्विशा शर्मा केस में पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर! डॉक्टरों को नहीं दिया गया ‘फंदे का पट्टा’ (लिगेचर मटेरियल); पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर खड़े हुए सवाल

कटनी कलेक्टर का बड़ा हंटर: समय-सीमा बीतने के बाद निपटाए 192 आवेदन; एसडीएम, तहसीलदार और पंचायत सचिवों समेत दर्जनों को कारण बताओ नोटिस

लोक सेवा गारंटी पोर्टल की विस्तृत समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि जिले के विभिन्न कार्यालयों द्वारा कुल 192 आवेदनों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद किया गया, जो कि सीधे तौर पर ‘लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2010’ के नियमों के विपरीत है।

लापरवाही का पूरा ब्यौरा: किस विभाग ने कितने आवेदन अटकाए?

कलेक्टर की समीक्षा में लोक सेवा गारंटी के नियमों को ताक पर रखने वाले विभागों और अधिकारियों की लंबी सूची उजागर हुई है:

ग्राम पंचायतों के सचिवों पर भी गिरी गाज

निचले स्तर पर जनता के काम रोकने के मामले में दर्जनों ग्राम पंचायतों के सचिवों को भी नोटिस थमाया गया है:

7 दिन में देना होगा जवाब, नहीं तो सीधे लगेगा जुर्माना

कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने सभी संबंधित अधिकारियों, नगर परिषद सीएमओ (CMO), नापतौल निरीक्षकों और ग्राम पंचायत सचिवों को जारी नोटिस में दो टूक कहा है कि यह कृत्य लोक सेवा गारंटी अधिनियम-2010 की धारा 6 एवं 7 के विपरीत है।

कलेक्टर की सख्त चेतावनी: “सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी 7 कार्यदिवस के भीतर इन समय-बाह्य (Time-barred) आवेदनों के संबंध में अपना पालन प्रतिवेदन और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। यदि तय समय में प्राप्त जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो अधिनियम के प्रावधानों के तहत संबंधितों के विरुद्ध एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए शास्ति (जुर्माना/Penality) अधिरोपित की जाएगी।”

Exit mobile version