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Katni Breaking 6 हजार की रिश्वत लेते हुए लिपिक व सचिव को लोकायुक्त ने पकड़ा, एरियर्स भुगतान के नाम पर ग्राम सचिव से मांगी थी घूस

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katni Breaking 6 हजार की रिश्वत लेते हुए लिपिक  लेखापाल व सहयोगी सचिव को लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार है। एरियर्स भुगतान के नाम पर लिपिक सचिव ने एक ग्राम पंचायत सचिव से रिश्वत मांगी थी। मामला बड़वारा का है।

लोकायुक्त डीएसपी दिलीप झरबड़े ने बताया कि वर्तमान में ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत की पिपरिया शुक्ल ग्राम पंचायत में पदस्थ सचिव जितेन्द्र सिंह बघेल पर वर्ष 2018 में निलंबन की कार्रवाई हुई थी, जिसके बाद वर्ष 2023 में वह बहाल हो गया। उस दौरान वह बड़वारा जनपद पंचायत की लुरमी ग्राम पंचायत में सचिव के पद पर पदस्थ था।

बहाली के बाद उसको स्थानांतरित करते हुए ढीमरखेड़ा जनपद पंचायत भेज दिया गया। निलंबन अवधि की एरियर्स राशि के भुगतान को लेकर सचिव जितेन्द्र ने जनपद पंचायत बड़वारा में आवेदन दिया था और उसके एरियर्स की राशि लगभग 7 लाख रूपये थी, जिसका भुगतान कराने के नाम पर बड़वारा में पदस्थ लिपिक संजय चतुर्वेदी व जनपद में अटैच सचिव आशीष दुबे ने मिलकर उससे 7 हजार रूपये की मांग रिश्वत के रूप में की थी।

लोकायुक्त टीम ने रंगे हाथ पकड़ा

सचिव जितेन्द्र ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त एसपी जबलपुर को की थी। एसपी लोकायुक्त ने मामले का सत्यापन कराने के साथ ही डीएसपी झरबड़े के नेतृत्व में नौ सदस्यीय टीम का गठन किया। बुधवार को टीम जनपद पंचायत बड़वारा पहुंची। इस बीच सचिव जितेन्द्र ने कार्यालय में लिपिक को रिश्वत के रूप में 6 हजार रूपये दिए और बाहर निकलकर टीम को इशारा किया। इशारा पाते ही लोकायुक्त की टीम ने लिपिक संजय चतुर्वेदी को रंगेहाथ राशि के साथ पकड़ा और उसके साथ सहयोगी सचिव आशीष को भी हिरासत में लेकर कार्रवाई की।

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