कटनी: पशुपालकों के लिए वरदान बनी ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’, बहोरीबंद में संगोष्ठी; उन्नत किसान ने बताया- ‘शहतूत के पत्तों’ से कैसे बढ़ाएं दूध। जिले में दुग्ध क्रांति लाने और पशुपालकों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’ के तहत विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के निर्देश पर पशुपालन विभाग की टीम ने विकासखंड बहोरीबंद के विभिन्न ग्रामों का दौरा कर पशुपालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के लिए संगोष्ठी आयोजित की।
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कटनी: पशुपालकों के लिए वरदान बनी ‘क्षीर धारा ग्राम योजना’, बहोरीबंद में संगोष्ठी; उन्नत किसान ने बताया- ‘शहतूत के पत्तों’ से कैसे बढ़ाएं दूध
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से समन्वय
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारियों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि श्री विजय शुक्ला से भेंट की। इस दौरान आगामी शिविरों के सफल संचालन और पशुपालकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए समन्वय पर विस्तार से चर्चा की गई।
शहतूत के पत्ते: चारे का नया और सस्ता विकल्प
ग्राम गुदरी के निरीक्षण के दौरान एक दिलचस्प जानकारी सामने आई। यहाँ के उन्नत कृषक श्री अयोध्या प्रसाद रजक ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि:
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वे पिछले कई वर्षों से शहतूत के पत्तों का उपयोग हरे चारे के रूप में कर रहे हैं।
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यह दूध उत्पादन बढ़ाने में अत्यंत सहायक है और पारंपरिक चारे का एक सस्ता विकल्प है।
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शहतूत की झाड़ी 3 वर्ष में तैयार हो जाती है और जीवनपर्यंत हरे चारे की आपूर्ति सुनिश्चित करती है।
आधुनिक तकनीकों पर जोर
विभागीय टीम ने ग्राम लखनवारा, गुदरी और तेवरी उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान पशुपालकों को कृत्रिम गर्भाधान (AI) और उन्नत चारा प्रबंधन के फायदों के बारे में बताया। टीम का मुख्य उद्देश्य पशुपालकों को पारंपरिक पद्धतियों से निकालकर वैज्ञानिक तरीकों की ओर ले जाना है, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।

