कटनी/बहोरीबंद: मध्य प्रदेश के कटनी जिले में गौवंश के बेहतर रख-रखाव और सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन बेहद गंभीर है। कटनी कलेक्टर श्री आशीष तिवारी के विशेष निर्देशों के परिपालन में आज पशुपालन विभाग के उपसंचालक डॉ. आर. के. सोनी ने विकासखंड बहोरीबंद के अंतर्गत आने वाले ग्राम पथराड़ी पिपरिया स्थित ‘गोवर्धन गौशाला’ का आकस्मिक (औचक) निरीक्षण किया। इस औचक निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य भीषण गर्मी के मौसम में गौशाला के भीतर पशुओं के रख-रखाव, चारे-पानी की व्यवस्था और वहां उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं का जमीनी जायजा लेना था।
Katni Administration Action: कटनी कलेक्टर के निर्देश पर गोवर्धन गौशाला का औचक निरीक्षण; पाई गईं कमियां, उपसंचालक ने दिए व्यवस्थाएं सुधारने के कड़े निर्देश
मौके पर मिलीं कमियां, स्व-सहायता समूह को अल्टीमेटम
निरीक्षण के दौरान उपसंचालक डॉ. आर. के. सोनी ने गौशाला परिसर का बारीकी से चक्कर काटा। इस दौरान वहां कुछ व्यवस्थाओं में कमियां और लापरवाही देखने को मिली, जिस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की:
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संचालकों से पूछताछ: मौके पर गौशाला का संचालन संभाल रहे स्थानीय स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती जनता बाई और वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों से व्यवस्थाओं और दैनिक बजट के संबंध में विस्तृत जानकारी ली गई।
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शीघ्र सुधार के निर्देश: निरीक्षण के दौरान पाई गई बुनियादी कमियों को लेकर डॉ. सोनी ने संबंधित समूह और जिम्मेदार कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं में जो भी कमियां हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से ठीक किया जाए और एक निश्चित समय-सीमा के भीतर शीघ्र सुधार सुनिश्चित किया जाए।
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी…” चारे-पानी पर विशेष जोर
पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने गौशाला प्रबंधन को सख्त हिदायत देते हुए कुछ मुख्य बिंदुओं पर प्राथमिकता से काम करने को कहा है:
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नियमित चारा और पानी: गर्मियों के चलते गौवंश के लिए ठंडे और स्वच्छ पानी की 24 घंटे उपलब्धता तथा पौष्टिक चारे की नियमित सप्लाई को हर हाल में दुरुस्त करने पर जोर दिया गया है।
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स्वच्छता व्यवस्था: गौशाला के भीतर गोबर की समय पर सफाई और कीटाणुनाशक दवाओं के छिड़काव के निर्देश दिए गए हैं ताकि इस मौसम में मूक पशु बीमार न पड़ें।
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कड़ी चेतावनी: अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल गौवंश संरक्षण के कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि अगली बार निरीक्षण में कमियां पाई गईं, तो संबंधित समूह के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के इस औचक कदम के बाद बहोरीबंद क्षेत्र की अन्य गौशाला संचालकों में भी हड़कंप का माहौल है।

