Katni murder mystery
दिनांक 14 सितंबर को रात्रि 10/00 बजे निवार चौकी अंतर्गत ग्राम बड़खेरा में 8 वर्षीय बालक की गुमशुदगी एवं अपहरण की रिपोर्ट कायम की गयी थी जो शाम 04 बजे घर से तौलिया लेकर गायब था। परिजन लगातार उसे तलाशते रहे नही मिला।
दूसरे दिन 15 सितंबर को रात्रि में 04/00 बजे घर से 60 मीटर की दूरी पर बने खाली मकान में बालक की लाश जो हाथ बधे हुये थे और कपड़ा मुह पर बधा एवं चेहरा पेट हल्का ढ़का हुआ था, मिला ।
मामला अत्यंत गंभीर होने से पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार के निर्देशन में सी एस पी शशिकांत शुक्ला एफएसएल. अधिकारी डॉ अवनीश कुमार के मार्ग दर्शन में थाना प्रभारी माधवनगर निरीक्षक संदीप अयाची चौकी प्रभारी निवार उनि राखी पाण्डेय उस प्रकरण की सुराग में जुटे।
सभी परिजनों के ब्यान लिये गये ग्रामीणों के बयान लिये गये जो सभी ने बताया कि बादल कोल जो कि मृतक एवं उसके घर से जुड़ा है, उसने गुमशुदगी के बाद बहुत गुमराह किया और घटनास्थल को छुपाता रहा।
मृतक की बहिन को भी फोन करके गाँव में अलग अलग स्थान पर घुमाता रहा। बादल शाम को मृतक बालक से राजश्री भी बुलवाया और फिर उसे तालाब तरफ ले गया बाद में तालाब से लगे नाले के किनारे बने खाली मकान जिसमें ताला नही लगा था, उससे संबंध बनाने ले गया और मृतक को गलत संबंध बनाने बोला।
बालक ने साफ मना किया तो बादल ने जिद में आकर उसका मुह दबाया और गला दबाया फिर लाश को उल्टा पलटाकर कमरे का दरवाजा बंद करके लोगों को घर वालों को गुमराह करता रहा।
देवी मंदिर से एक बाना बादल ने निकाला और बोला जिसके पास भी मृतक बालक है उसको मारूंगा। बादल लगातार मृतक की बहन को बोलता था मृतक उसके साथ है शाम को ले आयेगा। बादल द्वारा मृतक को लेकर बहुत गुमराह किया गया मृतक की बहन को घटना के साक्ष्य , घटनास्थल के आसपास के कथन , फरियादी के कथनों द्वारा बादल द्वारा पूरी घटना की सच्चाई बतायी ।
बादल ने बताया कि मैने उसको को गलत संबध बनाने को बोला था जो मना किया तो मैने उसका गला दबाकर मार डाला। अपराध स्वीकार करने पर बादल कोल को गिरफ्तार किया गया उस पर धारा 363, 366, 302, 201 भा.द.वि सहित पाक्सो एक्ट की धारा का प्रकरण दर्ज किया है जिसे गिरफ्तार कर आज न्यायालय प्रस्तुत किया गया।
पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार के निर्देशन में सीएस पी शशिकांत शुक्ला वैज्ञानिक अधिकारी डॉ अवनीश कुमार थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप अयाची थाना माधवनगर चौकी प्रभारी निवार उनि राखी पाण्डेय , उनि के के पटेल, आर . बीरेन्द्र , अनिल , भुवनेश्वर बागरी की सक्रीय भूमिका इस अंधी हत्या के पर्दाफास में रही है ।

