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Katni : निर्माणाधीन कटनी नदी पुल में दरार सकते में सरकार !

katni nadi pull breaked

कटनी। कटनी नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा धसकने की घटना को राज्य सरकार ने भी गंभीरता से लिया है। सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट जिला प्रशासन से मांगी है। संभवतः इस मामले में निर्माण एजेंसी पर कार्यवाही भी की जा सकती है। बनने से पहले ही पुल धसकने की इस घटना ने एक बात तो साबित कर दी है कि पुल के निर्माण में ठेकेदार द्वारा घोर अनियमितताएं बरती जा रही है।

पिछले 11 वर्षों से बन रहे इस पुल के निर्माण के साथ ही शहर के लोगों की उम्मीद जागी थी लेकिन कल शाम हुई इस घटना ने लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। घटना के बाद बड़ी संख्या में मौके पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल तैनात करना पड़ा। महापौर शशांक श्रीवास्तव ने भी मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया।

बुधवार की शाम करीब साढ़े 4 बजे उस समय हड़कंप की स्थिति निर्मित हो गई, जब कटनी नदी पर निर्माणाधीन साढ़े चार करोड़ रूपए की लागत के पुल का एक हिस्सा एकाएक धसक गया। पुल के बैठते ही मजदूरों में हड़कंप का माहौल निर्मित हो गया और उन्होंने किसी तरह से अपनी जान बचाई। इस हादसे के वक्त मजदूर जैक लगाकर पुल के केबल को कसने का काम कर रहे थे। निर्माण में मुंबई से लाए गए 32 केबल ग्रुप लगे हैं। ये पुल को स्टैंड रखने के लिए लगाए जा रहे थे।

केबल कसने के दौरान ही एकाएक नदीपार छोर वाले पुल का हिस्सा धसक गया। गनीमत यह रही कि पूरी तरह से स्लैब धंसकर सेंटिंग में रख गया, वरना कई मजदूर हादसे का शिकार हो जाते। कल शाम हुए इस हादसे के बाद से मौके प्रशसन व ब्रिज कारपोरेशन के अधिकारी पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। महापौर शशांक श्रीवास्तव भी सूचना मिलने पर यहां पहुंचे और उन्होंने निर्माण कार्य में लगे कर्मचारियों से जानकारी ली। बताया जाता है कि कटनी नदी के पुराने पुल के समकक्ष मप्र सेतु निगम द्वारा पुल का निर्माण कराया जा रहा है। यह कार्य ठेकेदार रामसज्जन शुक्ला द्वारा किया जा रहा है। इसके आधे हिस्से के 45 मीटर स्लैब का काम 12 व 13 जुलाई की रात को कराया गया था।

11 साल से चल रहा पुल का निर्माण
गौरतलब है कि कटनी नदी पर बनने वाले नए पुल निर्माण का भूमिपूजन वर्ष 2008 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष स्व. ईश्वरदास रोहाणी ने किया था। इतने सालों में अभी तक एक ही हिस्से का स्लैब ढल पाया था। कटनी नदी पर चांडक चौक के पास अंग्रेजों के जमाने में बने पुराने पुल को आवागमन के लिए अयोग्य घोषित करने के बाद राज्य शासन ने वर्ष 2008 में नए ब्रिज के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की थी। मुआवजा राशि सहित 13 करोड़ 69 लाख 86 हजार रूपये जारी किए थे। राशि आवंटन के बाद सेतु निगम ने रीवा की फर्म राम सज्जन शुक्ला की निविदा स्वीकार कर कार्यादेश जारी किए थे। सेतु निगम ने 15 जून 2014 तक ब्रिज का निर्माण कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए थे। धीमी गति से काम होने के कारण निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। ठेका कंपनी ने 26 सितंबर 2013 से निर्माण कार्य प्रारंभ किया था।

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