अजब गजब

Kathleen Folbigg: यह कैसा इंसाफ-40 साल की सजा सुनाई, 20 साल बाद मि‍ला इंसाफ तब बोलीं कैथलीन, आखिर कोई अपने बच्चे को क्यों मारेगा

Kathleen Folbigg: यह कैसा इंसाफ-40 साल की सजा सुनाई, 20 साल बाद मि‍ला इंसाफ तब बोलीं कैथलीन, आखिर कोई अपने बच्चे को क्यों मारेगा।  लोग कहते हैं कि न्याय के मंदिर यानी अदालतें सोच समझ कर फैसला करती हैं. लेकिन यह सोच 56 साल की ऑस्ट्रेलियाई महिला कैथलीन फोल्बिग पर सटीक नहीं बैठती. अगर 20 साल पहले अदालत से भूल नहीं हुई होती तो उन्होंने अपनी जवानी का आनंद लिया होता. हालांकि देर से ही सही बड़ी अदालत से उन्हें इंसाफ मिला है. द न्यू साउथ वेल्स सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें निर्दोष माना और रिहाई के आदेश दिए. बता दें कि ऑस्ट्रेलिया के न्यायिक इतिहास में इसे बड़े अन्याय के तौर पर भी देखा जाता है. अब सवाल यह है कि कैथलीन को क्यों 20 साल तक सलाखों के पीछे रहना पड़ा. आखिर उनका गुनाह कितना संगीन था. क्या निचली अदालत ने मीडिया के दबाव में उन्हें दोषी माना.

आखिर कोई अपने बच्चे को क्यों मारेगा

कैथलीन फोल्बिग जब जेल से बाहर आईं तो उनसे मीडिया वालों ने कई सवाल किए. एक सवाल के जवाब में वो फफक कर रो पड़ीं और कहा कि आखिर अपने ही बच्चों का कत्ल क्यों करेंगी. वो बताती है कि अगर विज्ञान और तकनीक ने इतनी तरक्की नहीं की होती तो वो शायद ही बच पातीं. लेकिन शुक्रिया उस तकनीक का जिसकी वजह से साफ हो गया कि उनके बच्चों की मौत कैसे हुई थी. सिस्टम ने उन्हें बर्बाद कर दिया. कैथलीन कहती हैं. भले ही उनके बच्चे पास नहीं है लेकिन वो हमेशा से उनके दिल के करीब रहेंगे. सिस्टम और समाज दोनों को किसी पैरेंट पर इल्जाम लगाने के बारे में सोचना चाहिए. कैसे समाज किसी भी इंसान पर लांक्षन लगा देता है उसकी वो जीती जागती सबूत हैं. लोगों को बिना तथ्यों को जाने और समझे बिना आरोप नहीं लगाना चाहिए.

1999 में लगा था आरोप

कैथलीन के मुताबिक साल 1999 में जब उनके ऊपर आरोप लगाए गए. उस समय भी उनके पास बेगुनाही साबित करने के कई साक्ष्य थे. लेकिन उनकी दलीलों और साक्ष्यों को नकार दिया गया. अदालत ने फालबिग को उनके बच्चों चारों बच्चों कालेब, पैट्रिक, सराह और लॉरा की मौत के लिए जिम्मेदार माना था. इन बच्चों का निधन 1989-1999 के बीच अचानक हुई थी. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने वर्स्ट सीरियल किलर घोषित कर दिया था. फालबिग के तीन बच्चों की उम्र एक साल से कम थी. जबकि एक 18 महीने तक जिंदा रह सकी थी. बड़ी बात यह थी कि ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने जिस फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला दिया वो भी मौत की वजह को लेकर साफ नहीं थी.

40 साल की मिली थी सजा

कैथलीन फोल्बिग को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया कुख्यात सीरियल किलर घोषित के तौर पेश किया करती थी. निचली अदालत में अभियोजकों ने उस समय परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर भरोसा कियाय फोल्बिग की डायरियों के जरिए उसे अस्थिर मां के रूप में पेश किया था जो बेहद गुस्सैल थी. हालांकि द न्यू साउथ वेल्स सुप्रीम कोर्ट ने पाया कि निचली अदालत ने फैसला सुनाते समय उनकी डायरियों की जांच मनोवैज्ञानिकों या मनोचिकित्सकों द्वारा नहीं कराई थी. जबकि उस पर अदालत को गौर करने की जरूरत थी. 2003 में कैथलीन को 40 साल जेल की सजा सुनाई गई थी जिसे अपील के बाद घटाकर 30 साल कर दिया गया था. हालांकि न्यू साउथ वेल्स सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें रिहा करने के आदेश दिए

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