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karnataka crisis: BJPने मांगा CM का इस्‍तीफा, कांग्रेस बोली- 18 जुलाई को होगा फ्लोर टेस्‍ट

karnataka political crisis

बेंगलुरु। Karnataka political Crisis कर्नाटक में सियासी ड्रामे के बीच पल-पल घटनाक्रम बदल रहा है। एक दिन पहले इस्तीफा वापस लेने की बात कहने वाले कांग्रेस के बागी विधायक एमटीबी नागराज पलट गए हैं। उन्होंने कहा है कि इस्तीफा वापस लेने का सवाल ही नहीं। वहीं भाजपा ने सीएम कुमारस्‍वामी से इस्‍तीफा मांगा है। पार्टी ने कहा है कि कुमारस्‍वामी को आज ही बहुमत साबित करना चाहिए। इसके उलट कांग्रेस ने कहा है कि गुरुवार को विधानसभा में सुबह 11 बजे से फ्लोर टेस्‍ट की प्रक्रिया होगी। कांग्रेस नेता सिद्दारमैया ने सोमवार को कहा कि वह गुरुवार को बहुमत परीक्षण के लिए पूरी तरह तैयार है। पार्टी ने उम्मीद जताई है कि उसके विधायक लौट आएंगे और गठबंधन सरकार को बचा लेंगे।

बहुमत परीक्षण को लेकर हंगामे के आसार
भाजपा ने आज विधानसभा में कांग्रेस-जेडीएस सरकार के लिए विश्‍वास मत साबित करने की मांग की है। इसे लेकर आज विधानसभा में हंगामे के आसार हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा ने कहा है कि गठबंधन सरकार ने बहुमत खो दिया है। अगर मुख्यमंत्री कुमारस्वामी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के प्रति ईमानदार हैं तो पद से इस्तीफा देना चाहिए या सोमवार को सदन में बहुमत साबित करना चाहिए। भाजपा नेता सुरेश कुमार (Suresh Kumar) ने भी एचडी कुमारस्‍वामी (Karnataka CM Kumaraswamy) से बहुमत साबित करने की मांग की और कहा कि हमारे सभी 105 विधायक एकजुट हैं।

पुलिस से सुरक्षा के लिए फिर लगाई गुहार
इस बीच, मुंबई में डेरा जमाए बागी विधायकों ने एक बार फिर पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कांग्रेस नेताओं से खतरा बताया है। बीते पांच दिनों में ऐसा दूसरी बार है जब विधायकों ने ऐसी शिकायत दी है। पवई पुलिस थाने (Powai Police Station) में सीनियर इंस्‍पेक्‍टर को लिखे पत्र में विधायकों ने कहा है कि उनका मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge), गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) या महाराष्‍ट्र (Maharashtra) और कर्नाटक (Karnataka) के कांग्रेस नेताओं के साथ बातचीत की कोई मंशा नहीं है। उन्‍होंने पुलिस से गुजारिश की है कि वह इन नेताओं को उनसे संपर्क करने से रोकने का बंदोबस्‍त करे।

 

मुंबई में बागी विधायकों की संख्‍या 15 हुई
कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार और मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी से शनिवार को मुलाकात के बाद नागराज ने पार्टी के साथ बने रहने की इच्छा जताई थी। हालांकि, उन्होंने कहा था कि आखिरी फैसला वह साथी विधायक के सुधाकर से मिलने के बाद करेंगे। बागी विधायकों को मनाकर वापस लाने की बात कह कर नागराज मुंबई आए थे, लेकिन मुंबई पहुंचते ही सुर बदल गए। मुंबई में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि इस्तीफा वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता है। नागराज को मिलाकर मुंबई में डेरा जमाए बागी विधायकों की संख्या 15 हो गई है।

रेड्डी ने नहीं दिए कोई संकेत
कांग्रेस के एक और विधायक रामलिंगा रेड्डी ने भी विधानसभा से इस्तीफा दे दिया है। रविवार को कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष ईश्वर खंडरे और पार्टी के वरिष्ठ नेता एचके पाटिल ने रेड्डी से उनके घर जाकर मुलाकात की। दोनों रेड्डी को लगभग दो घंटे तक इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाते रहे, लेकिन रेड्डी ने उन्हें कोई संकेत नहीं दिए। मुलाकात के बाद खंडरे ने उम्मीद जताई कि वह पार्टी में बने रहेंगे और विधानसभा से अपना इस्तीफा वापस ले लेंगे। कांग्रेस और जदएस के 15 बागी विधायकों समेत मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होगी। शीर्ष अदालत ने स्पीकर से तब यथास्थिति बनाए रखने को कहा है। इस बीच कांग्रेस खेमे में हलचल बढ़ गई है।

कांग्रेस ने दी बागी विधायकों को धमकी
कांग्रेस नेता शिवकुमार ने रविवार को परोक्ष रूप से बागी विधायकों को धमकाते हुए कहा था कि ‘कानून स्पष्ट है। अगर विश्वास मत प्रस्ताव के खिलाफ विधायक मतदान करते हैं तो उनकी सदस्यता चली जाएगी।’ उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी बागी विधायकों की मांगें मानने के लिए भी तैयार है। शिवकुमार ने राज्य में जारी सियासी संकट के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि बागी विधायकों को मुंबई ले जाने से लेकर उन्हें होटल में ठहराने तक का काम भाजपा ने किया है। नागराज ने शिवकुमार के आरोपों को आधारहीन बताया है।

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