कंगना रनौत ने पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणियों की निंदा की, पूछा- “ये किस तरह के छात्र हैं?”
कंगना रनौत ने पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणियों की निंदा की, पूछा- "ये किस तरह के छात्र हैं?"

कंगना रनौत ने पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणियों की निंदा की, पूछा- “ये किस तरह के छात्र हैं?”
नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन भले ही समाप्त हो गया हो और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया हो, लेकिन इस आंदोलन के दौरान हुई बयानबाजी का मुद्दा अब संसद में बुरी तरह गरमा गया है। मानसून सत्र के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत माताजी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर कड़ा विरोध जताया और सवाल उठाया कि क्या ये सच में छात्र हैं?
“हमारी 16 साल की उम्र से आत्मनिर्भरता की सोच थी, समाज के लिए यह भाषा स्वीकार्य नहीं”
संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए मंडी से भाजपा सांसद कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारियों की भाषा और रवैये पर तीखा हमला बोला:
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आपत्तिजनक भाषा पर सवाल: कंगना ने कहा, “हमारे 75 साल के प्रधानमंत्री को निशाना बनाया गया और उनकी दिवंगत मां के लिए बेहद भद्दी गालियां दी गईं। हमने भी छात्र आंदोलनों में हिस्सा लिया है, लेकिन ये किस तरह के छात्र हैं और कैसी अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं?”
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माता-पिता पर बोझ न बनने की सलाह: उन्होंने आगे कहा कि अगर भविष्य में इन लोगों को कानूनी पचड़ों में फंसकर सुप्रीम कोर्ट के वकीलों की जरूरत पड़ी, तो क्या इनके माता-पिता इसका खर्च उठा पाएंगे? हमने 16 साल की उम्र से काम करना शुरू किया था और कभी अपने माता-पिता पर बोझ नहीं बने। एक सभ्य समाज के तौर पर यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है।
‘पब्लिक एग्जामिनेशन बिल 2026’ की सराहना और विपक्ष पर निशाना
कंगना रनौत ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 की तारीफ करते हुए कहा:
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पीएम मोदी की प्रतिबद्धता: उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने परीक्षा प्रणाली को भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के लिए उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है और यह संशोधन विधेयक देशहित में उनके संकल्प को दर्शाता है। कंगना रनौत ने पीएम मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणियों की निंदा की, पूछा- “ये किस तरह के छात्र हैं?”
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शिक्षा बजट में बढ़ोतरी: कंगना ने यूपीए (UPA) सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में शिक्षा बजट बेहद कम था, जबकि मोदी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम किया है। आज विपक्ष की आलोचना उनकी हताशा और निराशा को उजागर करती है।








