Kachchi Daru License: अब महुआ की शराब भी अधिकृत तौर पर बेची जा सकेगी, सरकार ला रही ये नीति

Kachchi Daru Licenseभोपाल राज्य सरकार हैरीटेज वाइन नीति बना रही है, जो अगले साल लागू की जाएगी। इसके बाद महुआ की शराब भी अधिकृत तौर पर बेची जा सकेगी। इसके लिए सरकार ने आबकारी नीति में संशोधन कर श्ाराब की परिभाषा में हैरीटेज वाइन भी जोड़ दिया है। इसमें जनजाति वर्ग के पांच लीटर शराब बनाने के अधिकार को भी सुरक्षित रखा गया है। इससे जहां शराब का अवैध उत्पादन और विक्रय रुकेगा, वहीं सरकार को सालाना करीब तीन सौ करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। बुधवार को मंत्रालय में राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आबकारी नीति और हैरीटेज वाइन नीति जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।

गोवा की पारंपरिक शराब फेनी व राजस्थान की शाही हेरीटेज शराब की तर्ज पर मध्य प्रदेश भी काम कर रहा है। जनजातीय समाज पारंपरिक रूप से महुआ की शराब बनाता है। जिसे अब कानूनी अधिकार दिया जा रहा है। प्रदेश में अगले साल नई आबकारी नीति भी लागू की जाएगी। दरअसल, वर्तमान में दो साल पुरानी नीति से शराब बिक रही है। जबकि हर दो साल में नई नीति लाई जाती है, पर इस बार कोरोना काल को देखते हुए सरकार ने पुरानी नीति को ही यथावत रखा है।

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नई नीति लाने के पीछे सरकार की मंशा राजस्व बढ़ाना भी है। सरकार पुरानी वसूली पर भी जोर दे रही है। बैठक में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री जगदीश देवड़ा, वन मंत्री विजय शाह, राजस्व मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव वित्त मनोज गोविल उपस्थित थे। वहीं अन्य विभागीय अधिकारी बैठक में वर्चुअल जुड़े।

Kachchi Daru License: राजस्व बढ़ाने के प्रयास करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संकलन से ही प्रदेश में विकास और जन कल्याण के कार्य संभव हैं। प्रदेश की जनता पर बिना अधिक बोझ डाले, राजस्व बढ़ाने के हरसंभव प्रयास करें। टैक्स की परिधि का अधिक लोगों तक विस्तार कर राजस्व बढ़ा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी गई वस्तुओं का बिल लेने की प्रवृत्ति जनता में विकसित करना होगा। जनता में यह भावना होनी चाहिए कि बिल लेने से राज्य सरकार को राजस्व मिलता है, जो विकास एवं जनकल्याण के काम आता है। इसलिए बिल लेकर राज्य के विकास में योगदान दे रहे हैं।

Kachchi Daru License: जीएसटी कलेक्शन सुधारा जाए

मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल तकनीक व डाटा एनालिटिक्स से जीएसटी कलेक्शन भी सुधारा जाए। बैठक में बताया गया कि नए वाहनों की कम आपूर्ति के चलते वाहनों की बिक्री कम हुई है, जिससे परिवहन से आने वाले राजस्व में कमी आई है। वाहनों की आपूर्ति बढ़ने के साथ निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व प्राप्त होने की संभावना है।

Kachchi Daru License: लकड़ी की नीलामी एक दिसंबर से आनलाइन

मुख्यमंत्री ने वन विभाग को लकड़ी सहित अन्य नीलामी एक दिसंबर से आनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खनिज ब्लाक की नीलामी प्रक्रिया जल्द पूरी करें। जरूरी हो, तो भारत सरकार के संबंधित विभागों से बात कर कार्य को गति दें। बैठक में खनिज, वैट, जीएसटी, आबकारी, स्टाम्प एवं पंजीयन, परिवहन, ऊर्जा, वन, राजस्व, सिंचाई तथा नर्मदा घाटी विकास की राजस्व प्राप्तियों की समीक्षा की गई।

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