jabalpurLatestमध्यप्रदेश

जबलपुर का नामी सेंट अलॉयसियस स्कूल बना अखाड़ा: धर्मांतरण के आरोपों पर विहिप-बजड़ंग दल का धावा, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता; जमकर तोड़फोड़

जबलपुर का नामी सेंट अलॉयसियस स्कूल बना अखाड़ा: धर्मांतरण के आरोपों पर विहिप-बजड़ंग दल का धावा, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता; जमकर तोड़फोड़

जबलपुर का नामी सेंट अलॉयसियस स्कूल बना अखाड़ा: धर्मांतरण के आरोपों पर विहिप-बजड़ंग दल का धावा, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता; जमकर तोड़फोड़

जबलपुर: शहर के प्रतिष्ठित सेंट अलॉयसियस स्कूल (St. Aloysius School) में कथित मतांतरण (धर्मांतरण) के आरोपों को लेकर मंगलवार दोपहर को भारी हंगामा और बवाल खड़ा हो गया। विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के दर्जनों कार्यकर्ता स्कूल परिसर में जमा हो गए, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। प्रदर्शनकारियों को रोकने के प्रयास में पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई।

 स्कूल परिसर में तोड़फोड़, कई थानों का पुलिस बल मौके पर

हंगामे के दौरान स्कूल परिसर में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं। माहौल बिगड़ता देख और तनाव बढ़ता देख विजय नगर, माढ़ोताल सहित शहर के कई थानों की पुलिस फोर्स को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। पुलिस बल ने कड़ी मशक्कत के बाद कार्यकर्ताओं को खदेड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया। करीब एक घंटे तक चले इस ड्रामे के बाद परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जबलपुर का नामी सेंट अलॉयसियस स्कूल बना अखाड़ा: धर्मांतरण के आरोपों पर विहिप-बजड़ंग दल का धावा, पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता; जमकर तोड़फोड़

आशुतोष शुक्ला बने भाजपा जिला मीडिया प्रभारी, मयंक गुप्ता सह प्रभारी

क्या हैं हिंदू संगठनों के आरोप?

प्रदर्शन कर रहे हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों का दावा है कि स्कूल प्रबंधन के भीतर काफी समय से नियम विरुद्ध गतिविधियां चल रही हैं:

  • कर्मचारियों पर दबाव: संगठनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन वहां कार्यरत हिंदू कर्मचारियों पर ईसाई धर्म अपनाने (मतांतरण) के लिए लगातार मानसिक दबाव बना रहा है।

  • नौकरी से निकालने की धमकी: कार्यकर्ताओं ने कहा कि जो कर्मचारी इस दबाव के आगे नहीं झुकते या मतांतरण से इनकार करते हैं, उन्हें नौकरी से बर्खास्त करने की धмяकियां दी जा रही हैं।

  • शिकायत के बाद एक्शन: प्रदर्शनकारियों के अनुसार, पीड़ित कर्मचारियों ने इसकी गोपनीय शिकायत संगठन से की थी, जिसके बाद करीब 50 कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराने स्कूल पहुंचे थे।

 पुलिस कर रही है पूरे मामले की जांच

मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को फिलहाल शांत करा लिया गया है। पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों को कानून हाथ में न लेने की हिदायत दी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक:

“धर्मांतरण के आरोपों और स्कूल परिसर में हुई तोड़फोड़ व पुलिस के साथ धक्का-मुक्की, दोनों ही पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

इस घटना के बाद से इलाके में एहतियातन निगरानी बढ़ा दी गई है।

Back to top button