आशीष शुक्ला..
जबलपुर l निजी अस्पताल संचालकों के साथ आज बैठक में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त ना करने की बात कही l
उन्होंने कहा कि यदि मरीज निजी अस्पताल में पहुंचता है तो सबसे पहले उसका इलाज शुरू किया जाए इस समय कोई भी बहाना नहीं चलेगा l ऐसा भी उनको पता चला है कि जब मरीज गंभीर होने लगता है उसकी जेब ढीली करके मेडिकल भेज दिया जाता है l
यह सब मानवता के खिलाफ है l कलेक्टर ने निजी अस्पताल के संचालकों से कहा आप बेड बढ़ाएं l एक निजी संचालक ने बेड बढ़ाने की बात स्वीकारी जबकि बाकी संचालकों ने व्यवस्था करने के बाद सूचित करने का आश्वासन दिया l
कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने कड़े शब्दों में कहा कि सभी निजी अस्पतालों का डेथ ऑडिट भी किया जाएगा l कलेक्टर निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली से बेहद नाखुश दिखाई दिए उन्होंने आज मीटिंग में अनुपस्थित एक अस्पताल संचालक जो कि पदाधिकारी भी है उनकी अनुपस्थिति पर हैरानी और नाराजगी भी जताई जबकि उनके अस्पताल से जुड़े हुए विषय पर भी चर्चा की गई l
कलेक्टर ने होमसाइंस कॉलेज के पास के एक अस्पताल में मरीज का ऑपरेशन न होने के प्रकरण की भी समीक्षा की l कलेक्टर श्री शर्मा ने मीटिंग में स्पष्ट रूप से निजी अस्पतालों के संचालकों से कहा जबलपुर में किसी भी हाल में मृत्यु की दर को कम करना है इसके लिए निजी अस्पतालों को कोरोना संक्रमित मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है l इस संदर्भ में भविष्य में भी ऐसी बैठकों का आयोजन होता रहेगा l

