LAC पर बढ़ेगी ITBP की ताकत: हर बटालियन को मिलेगी ‘ड्रोन प्लाटून’, ₹4000 करोड़ का आधुनिकीकरण प्लान
नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा (LAC) पर सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) अपने पूरे बेड़े को हाई-टेक करने जा रही है। आधुनिक युद्ध के बदलते तरीकों को ध्यान में रखते हुए ITBP ने अपनी चौकसी और मारक क्षमता को मजबूत करने का मास्टरप्लान तैयार किया है।
आधुनिकीकरण योजना के मुख्य बिंदु
ITBP सीमा पर तैनात अपनी हर बटालियन में एक समर्पित ड्रोन प्लाटून तैनात करेगी। इससे दुर्गम पहाड़ियों और अग्रिम चौकियों (BOPs) पर चौबीसों घंटे सटीक निगरानी रखी जा सकेगी। विदेशी कंपनियों और बाहरी निर्भरता को कम करने के लिए ITBP ने अपने स्तर पर खुद ड्रोन बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। बल ने लगभग ₹3,500 से ₹4,000 करोड़ के बड़े आधुनिकीकरण कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें से ₹1,000 करोड़ सिर्फ ड्रोन वॉरफेयर और एंटी-ड्रोन सिस्टम के लिए प्रस्तावित हैं।
2027 तक सभी जवानों को ‘STRIKE’ ट्रेनिंग
ITBP के महानिदेशक (DG) शत्रुजीत सिंह कपूर के अनुसार, आधुनिक तकनीकों से निपटने के लिए जवानों का विशेष प्रशिक्षण अनिवार्य है, साल 2027 के अंत तक ITBP के हर जवान को ‘STRIKE’ ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक करीब 10,000 जवान यह ट्रेनिंग पूरी कर चुके हैं और 330 मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए हैं जो अन्य जवानों को प्रशिक्षित करेंगे।
क्यों पड़ी तकनीक बदलने की जरूरत?
ITBP DG ने रूस-यूक्रेन युद्ध और ईरान-अमेरिका संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि आज के दौर में ड्रोन जैसी तकनीक बड़ी से बड़ी सैन्य शक्तियों के लिए चुनौती बन गई है। गलवान जैसी तनावपूर्ण स्थितियों में जवानों की ऑपरेशनल क्षमता और त्वरित कार्रवाई को सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक रणनीति के साथ-साथ हाई-टेक निगरानी उपकरणों का होना बेहद आवश्यक है। LAC पर बढ़ेगी ITBP की ताकत: हर बटालियन को मिलेगी ‘ड्रोन प्लाटून’, ₹4000 करोड़ का आधुनिकीकरण प्लान













