
अनक्लेम्ड शेयर और डिविडेंड क्लेम करना होगा आसान: सरकार ला रही है नया AI-बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म
नई दिल्ली: केंद्र सरकार वर्षों से पड़े पुराने, अनक्लेम्ड (दावा न किए गए) शेयरों और डिविडेंड को वास्तविक निवेशकों या उनके कानूनी वारिसों तक पहुँचाने के लिए एक बड़े डिजिटल सुधार की तैयारी कर रही है। मौजूदा कागजी कार्रवाई और समय लेने वाली जटिल प्रक्रिया को खत्म कर जल्द ही एक डिजिटल रूप से प्रमाणित, कंसेंट-बेस्ड (सहमति आधारित) और ज्यादातर पेपरलेस (कागज रहित) सिस्टम पेश किया जाएगा।
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डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेगी IEPFA: कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) के तहत काम करने वाली ‘इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड अथॉरिटी’ (IEPFA) को एक नए टेक-संचालित प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
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API और AI का होगा इस्तेमाल: यह नया प्लेटफॉर्म MCA21 पोर्टल, डिपॉजिटरी (NSDL/CDSL), रजिस्ट्रार एवं ट्रांसफर एजेंट (RTA), बैंकों, डिजीलॉकर और सरकारी पहचान सत्यापन (आधार ऑथेंटिकेशन) से API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) के ज़रिए सीधे कनेक्ट रहेगा। इसमें डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भी मदद ली जाएगी।
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डॉक्यूमेंट बार-बार देने से मुक्ति: दावेदार की सहमति से यह सिस्टम खुद ही रेगुलेटेड संस्थाओं से वेरिफाइड जानकारी ले लेगा, जिससे एक ही डॉक्यूमेंट को बार-बार जमा करने का झंझट खत्म हो जाएगा।
क्यों पड़ी नए सिस्टम की जरूरत?
नियमों के मुताबिक, यदि किसी शेयर, डिविडेंड या मैच्योर हो चुके डिबेंचर पर सात साल तक कोई दावा नहीं करता है, तो कंपनियां उस एसेट को IEPFA फंड में ट्रांसफर कर देती हैं।
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मौजूदा सिस्टम की सीमाएं: हालांकि मौजूदा IEPFA पोर्टल पहले की तुलना में बेहतर है, फिर भी दावेदारों को अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स (जैसे कंपनियां, बैंक और रजिस्ट्रार) के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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समय की बर्बादी: जानकारी अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर बिखरी होने के कारण वेरिफिकेशन और सेटलमेंट की प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है। अनक्लेम्ड शेयर और डिविडेंड क्लेम करना होगा आसान: सरकार ला रही है नया AI-बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म
कैसे काम करेगा नया पोर्टल?
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सिंगल विंडो इंटरफेस: क्लेम जमा करने से लेकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, स्टेटस ट्रैकिंग, कमी दूर करने, क्लीयरेंस और डायरेक्ट पेमेंट (रिफंड) की पूरी प्रक्रिया एक ही जगह होगी।
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रिस्क-बेस्ड प्रोसेसिंग:
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आसान क्लेम (कम राशि/पूर्ण डिजिटल वेरिफिकेशन): इन्हें तेजी से और खुद ब खुद (Automated) प्रोसेस कर तुरंत सेटल किया जाएगा।
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जटिल क्लेम (ज्यादा राशि/विवादित मामले): इनकी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए बारीकी से जांच की जाएगी ताकि कोई फ्रॉड न हो सके।
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इस नए डिजिटल सुधार से लाखों निवेशकों के फंसे हुए पैसे और शेयर बिना किसी कागजी झंझट के तेजी से उनके खातों में पहुँच सकेंगे।








