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‘इसरो की भूमिका कम नहीं होगी, उनके पास अभूतपूर्व काम’: स्पेस एक्सपो में IN-SPACe चेयरमैन पवन गोयनका

‘इसरो की भूमिका कम नहीं होगी, उनके पास अभूतपूर्व काम’: स्पेस एक्सपो में IN-SPACe चेयरमैन पवन गोयनका

नई दिल्ली। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (IN-SPACe) के अध्यक्ष पवन गोयनका ने स्पेस एक्सपो के उद्घाटन भाषण में स्पष्ट किया है कि इसरो (ISRO) के कर्मचारियों को अपने भविष्य को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि जो लोग यह सोचते हैं कि अंतरिक्ष सुधारों से इसरो की भूमिका घटेगी, वे गलत हैं।

अंतरिक्ष क्षेत्र में इसरो के प्रमुख मिशन पवन गोयनका ने कहा कि इसरो के पास अब तक का सबसे बड़ा कार्यभार है। इसमें निम्नलिखित प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं:

  • चंद्रयान सीरीज और गगनयान

  • भारतीय स्पेस स्टेशन और चांद पर भारतीय को भेजने का मिशन

  • शुक्र (Venus) और मंगल (Mars) मिशन

  • रियूजेबल हेवी-पेलोड व्हीकल और NavIC प्रणाली को मजबूत करना

  • SPS सीरीज के सैटेलाइट्स का विकास

निजी क्षेत्र और इसरो के कार्य विभाजन पर सफाई

  • अंतरिक्ष सुधार (2020): वर्ष 2020 में शुरू किए गए सुधारों का उद्देश्य इसरो को सीमित करना नहीं, बल्कि पूरे देश के अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र (Space Ecosystem) का विस्तार करना है।

  • निजी उद्योग की भूमिका: निजी क्षेत्र को लॉन्च व्हीकल, उपग्रह निर्माण और बड़े पैमाने पर उत्पादन में तेजी लाने का अवसर दिया जा रहा है।

  • इसरो का मुख्य ध्यान: इसरो का ध्यान मुख्य रूप से उन्नत R&D, वैज्ञानिक मिशनों, रणनीतिक अभियानों और नई तकनीकों के विकास पर रहेगा।

कर्मचारी यूनियनों की चिंता पर प्रतिक्रिया हाल ही में इसरो के 9 कर्मचारी संगठनों ने संगठन अध्यक्ष वी. नारायणन को पत्र लिखकर विनिर्माण व परिचालन कार्यों को निजी क्षेत्र को सौंपने की चर्चाओं पर स्पष्टीकरण मांगा था। इस पृष्ठभूमि में गोयनका का यह बयान इसरो कर्मियों को आश्वस्त करने के उद्देश्य से आया है।

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