अंतराष्ट्रीय

होर्मुज जलडमरू मध्य में ईरान का भीषण हमला, तेल टैंकरों पर बमबारी; 15 भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत सख्त, ईरानी राजनयिक तलब

होर्मुज जलडमरू मध्य में ईरान का भीषण हमला, तेल टैंकरों पर बमबारी; 15 भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत सख्त, ईरानी राजनयिक तलब

होर्मुज जलडमरू मध्य में ईरान का भीषण हमला, तेल टैंकरों पर बमबारी; 15 भारतीय नाविकों की मौत के बाद भारत सख्त, ईरानी राजनयिक तलब

नई दिल्ली/दुबई: मध्य पूर्व (Middle East) में अमेरिका और ईरान के बीच गहराते सैन्य तनाव की सबसे भयानक कीमत भारतीय नाविकों को चुकानी पड़ रही है। सामरिक रूप से बेहद संवेदनशील होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास कॉमर्शियल जहाजों पर हुए ईरानी हमलों में अब तक 15 भारतीय नाविकों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हाल ही में दो बड़े तेल टैंकरों पर हुए ताजा हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए नई दिल्ली में ईरानी राजनयिकों को विदेश मंत्रालय (MEA) में तलब कर सख्त आपत्ति दर्ज कराई है।

 ओमान तट के पास दो विशाल तेल टैंकरों (VLCC) पर हमला, भारी तबाही

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के रक्षा मंत्रालय और शिपिंग कंपनी ADNOC L&S से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार:

  • निशाने पर तेल टैंकर: ओमान के समुद्री क्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी रास्ते से गुजर रहे दो बहुत बड़े कच्चे तेल के टैंकरों— ‘मोम्बासा बी’ (Mombasa B) और ‘अल बह्या’ (Al Bahyah) पर ईरान द्वारा भीषण हमला किया गया।

  • जहाजों को भारी नुकसान: इन हमलों में दोनों विशाल टैंकरों को गंभीर क्षति पहुंची है। ‘मोम्बासा बी’ पर सवार एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि 8 अन्य सदस्य घायल हो गए। घायलों में 6 भारतीय और 2 यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं, जिनमें से 4 की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है।

 भारत ने ईरानी डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को किया तलब

इस ताजा खूनी वारदात के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन मोहम्मद जवाद होसैनी सहित अन्य वरिष्ठ राजनयिकों को तलब किया। भारत ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और दो टूक शब्दों में कहा कि वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष नाविकों पर इस तरह के हमले कतई स्वीकार्य नहीं हैं।

 हाल के दिनों में भारतीय नाविकों पर हुए हमलों का खौफनाक टाइमलाइन:

वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रहे इस भू-राजनीतिक टकराव की चपेट में लगातार भारतीय क्रू मेंबर्स आ रहे हैं:

  • 12 जुलाई 2026: ओमान तट के पास साइप्रस के झंडे वाले कमर्शियल जहाज ‘GFS गैलेक्सी’ पर ईरानी हमला हुआ। हमले के बाद एक भारतीय नाविक लापता हो गया, जबकि ओमान की नौसेना ने तत्परता दिखाते हुए 10 अन्य भारतीय क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचाया।

  • 14 जुलाई 2026: ‘मोम्बासा बी’ टैंकर पर हमला हुआ, जिसमें एक भारतीय नाविक शहीद हुआ और 6 भारतीय जख्मी हुए।

  • अन्य घटनाएं: उसी दिन ओमान के मुसन्दम प्रायद्वीप के पास पलाऊ के झंडे वाले टैंकर ‘स्काईलाइट’ पर हमले में दो भारतीय नाविक मारे गए। इसके अलावा, होर्मुज स्ट्रेट के पास भारतीय क्रू को ले जा रही एक पारंपरिक लकड़ी की नाव (धाऊ) में आग लगने से भी एक भारतीय नाविक की जान चली गई।

ग्लोबल एनर्जी सप्लाई का लाइफलाइन है ‘होर्मुज स्ट्रेट’

भौगोलिक और आर्थिक दृष्टि से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग रूट है। वैश्विक ऊर्जा (कच्चे तेल और गैस) की आपूर्ति का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा इसी संकरे जलमार्ग से होकर गुजरता है। इस क्षेत्र से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक जहाजों पर हजारों की संख्या में भारतीय मरीन इंजीनियर्स और नाविक तैनात हैं। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के बाद इन नाविकों के जीवन पर अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है, जिससे वैश्विक व्यापार के साथ-साथ भारत की चिंताएं भी चरम पर हैं।

— विशेष ब्यूरो, यशभारत डॉट कॉम

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