Interpol Red Notice: इंटरपोल की मदद से दबोचा गया हरियाणा का खूंखार अपराधी, व्हाट्सएप पर रंगदारी मांगने वाले गिरोह का हुआ अंत: विदेशों में बैठकर भारत में आतंक और रंगदारी का नेटवर्क चलाने वाले गैंगस्टरों के बुरे दिन शुरू हो गए हैं। भारत सरकार ने लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर अभय उर्फ अभय राणा को पुर्तगाल से सफलतापूर्वक प्रत्यर्पित (Extradite) करा लिया है। शनिवार को सीबीआई और हरियाणा पुलिस की विशेष टीम उसे लेकर दिल्ली पहुँची।
Interpol Red Notice: इंटरपोल की मदद से दबोचा गया हरियाणा का खूंखार अपराधी, व्हाट्सएप पर रंगदारी मांगने वाले गिरोह का हुआ अंत
लिस्बन से दिल्ली तक का सफर
लिस्बन (पुर्तगाल) स्थित भारतीय दूतावास ने इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि की है। यह प्रत्यर्पण भारत और पुर्तगाल के बीच हुई संधि और इंटरपोल (Interpol) के रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर संभव हो पाया है।
सोशल मीडिया से चलाता था वसूली का धंधा
जांच एजेंसियों के अनुसार, अभय राणा हरियाणा के कई गंभीर मामलों में मुख्य आरोपी है। उसके अपराध करने का तरीका बेहद शातिर था:
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व्हाट्सएप और सोशल मीडिया: वह और उसका गिरोह व्हाट्सएप कॉल के जरिए बड़े कारोबारियों को धमकियाँ देता था।
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रंगदारी (Extortion): मांग पूरी न होने पर गिरोह के गुर्गे व्यापारियों पर जानलेवा हमले करते थे।
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मुख्य मामला: गैंगस्टर अभय राणा के खिलाफ सबसे ज्यादा और गंभीर मामले हरियाणा के करनाल में दर्ज हैं।
कैसे कसा गया शिकंजा?
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रेड नोटिस: अभय के खिलाफ इंटरपोल ने रेड नोटिस जारी किया था, जिससे वह अंतरराष्ट्रीय रडार पर आ गया।
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लोकेशन ट्रैक: पुर्तगाल की एजेंसियों ने उसकी लोकेशन ट्रैक कर उसे गिरफ्तार किया।
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प्रत्यर्पण अनुरोध: भारत के गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने औपचारिक अनुरोध भेजा, जिसे पुर्तगाल की अदालत ने स्वीकार कर लिया।
सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी जीत
इस सफल ऑपरेशन में सीबीआई, हरियाणा पुलिस, विदेश मंत्रालय और लिस्बन स्थित भारतीय दूतावास की तालमेल वाली भूमिका रही। हरियाणा पुलिस की एस्कॉर्ट टीम खुद पुर्तगाल गई और उसे अपनी कस्टडी में लेकर भारत आई। सरकार ने इसे विदेशों में छिपे भगोड़ों के लिए एक कड़ा संदेश बताया है।

