Insurance Rules: बीमाधारकों की बल्ले-बल्ले-मिस-सेलिंग और महंगे प्रीमियम पर IRDAI का बड़ा वार, बदल जाएंगे इंश्योरेंस के नियम
नई दिल्ली: बीमा खरीदते समय ग्राहकों को अक्सर ऐसी पॉलिसी थमा दी जाती है जिसकी उन्हें वास्तविक जरूरत ही नहीं होती। इंश्योरेंस सेक्टर की इस गंभीर समस्या, यानी मिस-सेलिंग (Miss-selling) पर अब बीमा नियामक इरडा (IRDAI) बड़ा प्रहार करने जा रहा है।
IRDAI के चेयरमैन अजय सेठ ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में बताया कि नियामक ने एक नया कंसल्टेशन पेपर (Consultation Paper) जारी किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य एजेंटों के भारी-भरकम कमीशन पर लगाम लगाना और ग्राहकों के हितों की रक्षा करना है।
1. एजेंटों के पहले साल के कमीशन में होगी कटौती
अजय सेठ के अनुसार, मिस-सेलिंग की सबसे बड़ी वजह एजेंटों को शुरुआती वर्ष में मिलने वाला 40 से 50 प्रतिशत तक का मोटा कमीशन है।
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नया नियम: अब पहले साल का कमीशन घटाया जाएगा। इसके स्थान पर, जब ग्राहक अपनी पॉलिसी को आगे रिन्यू (Renew) कराएगा, तब एजेंट को बाकी का कमीशन दिया जाएगा।
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फायदा: इससे एजेंट केवल पॉलिसी बेचने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि लंबे समय तक ग्राहक को बेहतर सर्विस देंगे। साथ ही, कंपनियों का खर्च कम होने से लाइफ इंश्योरेंस में बेहतर रिटर्न मिलेगा और प्रीमियम की दरों में होने वाली बढ़ोतरी पर रोक लगेगी।
2. गलत पॉलिसी बेचने वालों के लिए बनेगी ‘पब्लिक रजिस्ट्री’
मिस-सेलिंग रोकने के लिए IRDAI एक ‘पब्लिक इंश्योरेंस रजिस्ट्री’ (Public Insurance Registry) तैयार करने जा रहा है:
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इसमें उन डिस्ट्रीब्यूटर्स और एजेंटों का पूरा इतिहास व ट्रैक रिकॉर्ड दर्ज होगा, जिनके खिलाफ मिस-सेलिंग या गलत तरीके से पॉलिसी बेचने की शिकायतें मिली हैं।
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ग्राहक किसी भी एजेंट से पॉलिसी खरीदने से पहले उसका रिकॉर्ड चेक कर सकेंगे और सतर्क रह सकेंगे।
3. लोन के साथ जबरन बीमा थोपने (बंडलिंग) पर रोक
बैंकों या लोन देने वाली संस्थाओं (Lenders) द्वारा लोन पास करते समय जबरदस्ती लाइफ इंश्योरेंस चिपकाने पर IRDAI ने सख्त रुख अपनाया है।
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लेंडर अपने क्रेडिट रिस्क के बचाव के लिए इंश्योरेंस मांग सकते हैं, लेकिन वे उस प्रीमियम से कमीशन कमाने की उम्मीद नहीं कर सकते।
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यदि कोई पैकेज दिया जा रहा है, तो उसमें उधारकर्ता (Borrower) का स्पष्ट और पारदर्शी लाभ दिखना अनिवार्य होगा।
4. ‘डार्क पैटर्न’ और प्रमोशनल कॉल्स पर कसेगा शिकंजा
अक्सर ऑनलाइन केवल प्रीमियम रेट चेक करने पर ग्राहकों से उनका मोबाइल नंबर मांग लिया जाता है, जिसके बाद अनचाहे प्रमोशनल कॉल्स की बाढ़ आ जाती है।
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IRDAI चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि बीमा एक मास-मार्केट प्रोडक्ट है और इसके रेट्स को व्यक्तिगत जानकारी के पर्दे के पीछे नहीं छिपाया जा सकता।
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कंपनियों को प्रीमियम की जानकारी पूरी तरह पारदर्शी रखनी होगी।
कब से लागू होंगे नए नियम?
अजय सेठ ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में लाइफ इंश्योरेंस का परिचालन खर्च 16.5% से बढ़कर 20% और जनरल इंश्योरेंस का खर्च 25% से बढ़कर 32% तक पहुंच गया है, जिसे नियंत्रित करना जरूरी है।
फिलहाल कंसल्टेशन पेपर जारी किया गया है। इसके बाद ड्राफ्ट रेगुलेशन आएंगे और ये नए नियम 1 जनवरी 2027 या 1 अप्रैल 2027 से पूरी तरह लागू होने की उम्मीद है। Insurance Rules: बीमाधारकों की बल्ले-बल्ले-मिस-सेलिंग और महंगे प्रीमियम पर IRDAI का बड़ा वार, बदल जाएंगे इंश्योरेंस के नियम
