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कटनी के कैमोर में 10 लाख टन ज़हरीले एस्बेस्टस कचरे को हटाने की पहल शुरू: भोपाल लैब भेजी जाएगी मिट्टी और भूजल की सैंपल रिपोर्ट

कटनी के कैमोर में 10 लाख टन ज़हरीले एस्बेस्टस कचरे को हटाने की पहल शुरू: भोपाल लैब भेजी जाएगी मिट्टी और भूजल की सैंपल रिपोर्ट

कटनी के कैमोर में 10 लाख टन ज़हरीले एस्बेस्टस कचरे को हटाने की पहल शुरू: भोपाल लैब भेजी जाएगी मिट्टी और भूजल की सैंपल रिपोर्ट

कटनी के कैमोर में 10 लाख टन ज़हरीले एस्बेस्टस कचरे को हटाने की पहल शुरू: भोपाल लैब भेजी जाएगी मिट्टी और भूजल की सैंपल रिपोर्ट

विशेष रिपोर्ट : मध्यप्रदेश के कटनी जिले स्थित औद्योगिक क्षेत्र कैमोर में ब्रिटिश शासनकाल की एस्बेस्टस फैक्ट्री द्वारा छोड़े गए खतरनाक और ज़हरीले कचरे से स्थानीय निवासियों को निजात दिलाने की दिशा में बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। जनस्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा गठित संयुक्त टीम ने बुधवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर निरीक्षण किया तथा मिट्टी और भूजल के सैंपल एकत्र किए।

जनस्वास्थ्य सुरक्षा के लिए संयुक्त टीम का ग्राउंड एक्शन

संयुक्त टीम में शामिल अधिकारियों ने भटिया मोहल्ला (वार्ड क्रमांक-2) सहित प्रभावित इलाकों का जायजा लिया:

1933 से जमा है 10 लाख टन जानलेवा एस्बेस्टस

कैमोर में भारत की पहली एस्बेस्टस सीट बनाने वाली फैक्ट्री वर्ष 1933 में ब्रिटिश कंपनी ‘टर्नर एंड नेवाल’ द्वारा स्थापित की गई थी।

नियमानुसार कैसे होना चाहिए कचरे का निष्पादन?

विशेषज्ञों के अनुसार, एस्बेस्टस (Asbestos) एक ऐसा जानलेवा तत्व है जो सालों तक नष्ट नहीं होता। इसके महीन कण सांस के जरिए फेफड़ों में जाकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं।

संयुक्त टीम द्वारा पंचनामा तैयार कर लिया गया है और भोपाल लैब की रिपोर्ट आते ही डंप कचरे को सुरक्षित रूप से हटाने की वैधानिक प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।

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