Indore Crime Branch Action: शराब कारोबारी चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने वाली गैंग का बड़ा भंडाफोड़, फोटो एडिट कर मांगी थी 1 करोड़ की रंगदारी
इंदौर: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेलिंग और रंगदारी (Extortion) का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने मशहूर शराब और प्रॉपर्टी व्यवसायी हितेंद्रसिंह उर्फ चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने वाली गैंग के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले की मुख्य आरोपी श्वेता जैन की दुकान पर छापेमारी कर वो विवादित फोटो जब्त कर लिए हैं, जिन्हें एडिट (Morph) कर व्यवसायी से मोटी रकम वसूलने की साजिश रची जा रही थी। इसके साथ ही, पुलिस के हाथ एक बेहद महत्वपूर्ण ‘अनुबंध लेख’ (Partnership Agreement) भी लगा है, जिसे गैंग ने जबरन पार्टनरशिप करने के इरादे से तैयार करवाया था।
फोटो एडिट कर रची गई थी जालसाजी की साजिश
क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में यह साफ हुआ है कि यह गैंग बेहद शातिर तरीके से काम कर रही थी। बाणगंगा निवासी शराब कारोबारी चिंटू ठाकुर को अपने जाल में फंसाने के लिए आरोपियों ने फोटो एडिटिंग का सहारा लिया। इन तस्वीरों के जरिए कारोबारी की सामाजिक और व्यावसायिक छवि को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी जा रही थी। गैंग ने इस बदनामी के बदले व्यवसायी से एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम रंगदारी की मांग की थी।
जेल जा चुके हैं गैंग के 7 मास्टरमाइंड
इंदौर पुलिस इस मामले में पहले ही तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे गए आरोपियों के नाम निम्नलिखित हैं:Indore Crime Branch Action: शराब कारोबारी चिंटू ठाकुर को ब्लैकमेल करने वाली गैंग का बड़ा भंडाफोड़, फोटो एडिट कर मांगी थी 1 करोड़ की रंगदारी
- अलका दीक्षित (निवासी: द्वारकापुरी)
- श्वेता जैन (जिसकी दुकान से फोटो जब्त हुए)
- रेशू चौधरी
- लाखन चौधरी
- जितेंद्र पुरोहित
- जयदीप दीक्षित
- विनोद शर्मा
जबरन पार्टनरशिप का भी था दबाव
पुलिस के अनुसार, यह गैंग सिर्फ एक बार पैसे लेकर रुकने वाली नहीं थी। चिंटू ठाकुर का शराब और प्रॉपर्टी का एक बड़ा और स्थापित कारोबार है, जिस पर इस गैंग की नजर थी। पुलिस को मिले अनुबंध लेख (डीड) से यह खुलासा हुआ है कि आरोपी इस ब्लैकमेलिंग के जरिए व्यवसायी के बिजनेस में जबरन हिस्सेदारी (Partnership) हथियाना चाहते थे, ताकि लंबे समय तक अवैध वसूली की जा सके। क्राइम ब्रांच अब जब्त किए गए फोटो और दस्तावेजों को कोर्ट में पुख्ता सबूत के तौर पर पेश करने की तैयारी कर रही है।

