कराची के ल्यारी में अंधाधुंध फायरिंग: गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर को मारी गोलियां; हालत नाजुक
कराची का ल्यारी फिर बना अखाड़ा: उजैर बलोच के भाई जुबैर पर ताबड़तोड़ फायरिंग; गैंगवार लौटने से खौफ
कराची के ल्यारी में अंधाधुंध फायरिंग: गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर को मारी गोलियां; हालत नाजुक
कराची : पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची का कुख्यात ल्यारी (Lyari) इलाका एक बार फिर गैंगवार की आग में सुलग उठा है। गुरुवार शाम ल्यारी के मुख्य चाकीवाड़ा रोड पर जेल में बंद गैंगस्टर उजैर बलोच के भाई जुबैर बलोच (40) पर अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
इस अचानक हुए हमले में जुबैर बलोच के सीने और पेट में कई गोलियां लगी हैं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। फायरिंग की चपेट में आने से दो राहगीर भी जख्मी हुए हैं। सभी घायलों को तुरंत कराची के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां जुबैर की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और डॉक्टर उसका ऑपरेशन कर रहे हैं।
चेहरे ढके हमलावर आए मोटरसाइकिल पर, घर के बाहर मारी गोली
दक्षिण कराची के DIG सैयद असद रज़ा ने बताया कि जुबैर बलोच अपने घर के बाहर सिंगू लेन में बैठा था, तभी मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए नकाबपोश हमलावरों ने उस पर गोलियों की बौछार कर दी।
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जवाबी फायरिंग से भागे हमलावर: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दौरान पास की एक दुकान के मालिक ने साहस दिखाते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसके बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
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2025 में ही जेल से आया था बाहर: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जुबैर को 2012 में 7 आपराधिक मामलों में गिरफ्तार किया गया था और वह हाल ही में जनवरी 2025 में जेल से रिहा होकर बाहर आया था।
पुराने गैंगस्टरों की वापसी से फैला खौफ; गैंगवार का डर
ल्यारी के एक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता के अनुसार, क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि कराची ऑपरेशन के दौरान जो गैंगस्टर दुबई और ईरान भाग गए थे, वे हालिया अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद वापस कराची लौट आए हैं।
इसके अलावा, जुबैर ने कुछ महीने पहले एक राजनीतिक दल की सदस्यता ली थी और इलाके में झंडे भी लगाए थे। पुलिस अब इस हमले की जांच गैंगवार और व्यक्तिगत दुश्मनी दोनों मुख्य पहलुओं से कर रही है।
कौन है उजैर बलोच और रहमान डकैत?
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उजैर और जुबैर बलोच कराची के सबसे कुख्यात गैंगस्टर रहमान डकैत के भाई हैं।
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उजैर बलोच वर्तमान में सेंट्रल जेल में बंद है और उस पर हत्या, पुलिस मुठभेड़ तथा हथियारों व विस्फोटकों से हमला करने के दर्जनों गंभीर मामले चल रहे हैं।
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मार्च में आतंकवाद निरोधी अदालत (ATC) ने उसके 7 मामलों में जमानत खारिज कर दी थी, जबकि इससे पहले अप्रैल 2020 में एक सैन्य अदालत ने उसे जासूसी के आरोप में 12 साल की जेल की सजा सुनाई थी।








