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भारत का दवा उद्योग चमका: वित्त वर्ष 2026 में एक्सपोर्ट 28.29 अरब डॉलर, 5.6% की ग्रोथ के साथ नया रिकॉर्ड

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भारत का दवा उद्योग चमका: वित्त वर्ष 2026 में एक्सपोर्ट 28.29 अरब डॉलर, 5.6% की ग्रोथ के साथ नया रिकॉर्ड, भारत का फार्मास्यूटिकल सेक्टर वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है। वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल से फ़रवरी तक के दौरान भारतीय दवाओं का निर्यात 28.29 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 5.6% की वृद्धि दर्शाता है।

भारत का दवा उद्योग चमका: वित्त वर्ष 2026 में एक्सपोर्ट 28.29 अरब डॉलर, 5.6% की ग्रोथ के साथ नया रिकॉर्ड

मुख्य जानकारी

फार्मा निर्यात में बढ़ोतरी का मुख्य योगदान फॉर्मूलेशन, बायोलॉजिकल्स, वैक्सीन और आयुष उत्पादों ने दिया।
फरवरी तक कुल निर्यात लगभग 2.7 लाख करोड़ रुपये (लगभग 29 अरब डॉलर) रहा।
यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में करीब 5% अधिक है।

 फार्मा मार्केट की स्थिति

मार्केट रिसर्च फर्म Pharmarack की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय फार्मा मार्केट (IPM) में 11% की ग्रोथ दर्ज हुई। एंटी‑डायबिटिक, कार्डियक और एंटी‑इन्फेक्टिव दवाओं की बिक्री में क्रमशः 15.5%, 14.8% और 7.6% की बढ़त देखी गई। मार्च 2025 से फरवरी 2026 के बीच कुल टर्नओवर 2.44 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंचा।

 क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

फार्मास्यूटिकल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (PHARMEXCIL) के महानिदेशक के. राजा भानु के मुताबिक, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद फार्मा सेक्टर ने निर्यात की गति को बनाये रखा है। यह सेक्टर आज लगभग 60 अरब डॉलर का है और 2030 तक 130 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। भारत की “दुनिया की फार्मेसी” वाली पहचान निर्यात के आंकड़ों में साफ दिख रही है। निर्यात में बढ़ोतरी, मजबूत घरेलू मांग और रणनीतिक उत्पादों की ग्रोथ ने भारतीय फार्मा सेक्टर को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती दी है। भारत का दवा उद्योग चमका: वित्त वर्ष 2026 में एक्सपोर्ट 28.29 अरब डॉलर, 5.6% की ग्रोथ के साथ नया रिकॉर्ड

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