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अमेरिकी हिरासत में भारतीय मूल की दुभाषिया मीनू बत्रा, परिवार ने रिहाई की लगाई गुहार

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टेक्सास (अमेरिका)। । अमेरिकी हिरासत में भारतीय मूल की दुभाषिया मीनू बत्रा, परिवार ने रिहाई की लगाई गुहार। भारतीय मूल की 53 वर्षीय दुभाषिया Meenu Batra को अमेरिका के टेक्सास राज्य में इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) द्वारा हिरासत में लिए जाने का मामला सामने आया है। मीनू बत्रा का आरोप है कि हिरासत के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक और शारीरिक रूप से प्रभावित हुई हैं।

अमेरिकी हिरासत में भारतीय मूल की दुभाषिया मीनू बत्रा, परिवार ने रिहाई की लगाई गुहार

जानकारी के अनुसार, मीनू बत्रा को 17 मार्च को हार्लिंगन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस समय हिरासत में लिया गया जब वह काम के सिलसिले में मिल्वॉकी जा रही थीं। फिलहाल वह रेमंडविले स्थित एल वैले डिटेंशन सेंटर में बंद हैं।

24 घंटे भोजन-पानी नहीं देने का आरोप

मीनू बत्रा ने आरोप लगाया है कि हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें करीब 24 घंटे तक भोजन और पानी नहीं दिया गया। साथ ही, उनकी नियमित दवाइयां भी कई दिनों तक उपलब्ध नहीं कराई गईं, जिससे उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ गई।

हथकड़ी और फोटो को लेकर विवाद

एक ‘हैबियस कॉर्पस’ याचिका में उन्होंने यह भी दावा किया है कि अधिकारियों ने उन्हें हथकड़ी पहनाकर फोटो खिंचवाने के लिए मजबूर किया, जिससे उन्हें अपमानित महसूस हुआ।

स्वास्थ्य पर असर

हिरासत के कुछ ही दिनों के भीतर उन्हें सांस संबंधी संक्रमण हो गया और उनकी आवाज भी प्रभावित हुई। वह वर्तमान में मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही हैं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और कानूनी स्थिति

मीनू बत्रा पिछले 35 वर्षों से अमेरिका में रह रही हैं और टेक्सास में हिंदी, पंजाबी और उर्दू भाषाओं की लाइसेंस्ड कोर्ट इंटरप्रेटर के रूप में कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि उनकी कानूनी स्थिति उन्हें भारत भेजे जाने से तो रोकती है, लेकिन किसी तीसरे देश में डिपोर्टेशन की संभावना बनी हुई है।

उनके परिवार, जिसमें चार बच्चे शामिल हैं, ने उनके लिए पैरोल की अपील की है। उनका एक बेटा अमेरिकी सेना में भी शामिल है, जिसने मां की रिहाई के लिए अपील की है।

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