Indian Flag Hoisted In Katni 26 जनवरी 1930 को कटनी में ऐसा ही “हर घर तिरंगा” अभियान चलाया गया था

26 जनवरी 1930 को कटनी में ऐसा ही हर घर तिरंगा अभियान चलाया गया था

Indian Flag Hoisted In Katni 26 जनवरी 1930 को कटनी में ऐसा ही हर घर तिरंगा अभियान चलाया गया था। आइए जानते इस ऐतिहासिक क्षण के बारे में।
आज हम हर घर तिरंगा अभियान में जुटे हैं। पर आपको जानकारी कम ही होगी कि स्वतंत्रता के 17 साल पहले 26 जनवरी 1930 को कटनी में ऐसा ही हर घर तिरंगा अभियान चलाया गया था विशाल रैली निकाली थी पूर्ण स्वराज की मांग पर हर घर तिरंगा का यह अभियान पूरे देश मे चर्चित हुआ।
जानकारी के मुताबिक जनता को जागरूक और प्रेरित करने में बाबू हनुमंत राव, राधेश्याम, पं. गोविंद प्रसाद खम्परिया, नारायण दत्त शर्मा, ईश्वरी प्रसाद खंपरिया, अमरनाथ पांडे, पूरनचंद्र शर्मा, भैया सिंह ठाकुर, पं. नारायण प्रसाद तिवारी और खुशालचंद्र बिलैया की महती भूमिका रही थी। अंग्रेज सरकार की दमनकारी नीतियों की वजह से कटनी के कई सेनानी शहीद होने और अंग्रेजों की प्रताड़ना झेलने के बाद भी गुमनाम रह गये। लेकिन कटनी वासियों ने अपने गुमनाम शहीदों की स्मृतियों को न केवल अक्षुण्ण रखा है, बल्कि उनके चरणों में श्रद्धा-सुमन भी अर्पित किये
आज इस अभियान की गूंज पूरे देश मे है। कटनी वासी भी “हर घर तिरंगा” अभियान में हर घर, हर संस्थान में राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर आजादी के पुरोधाओं का पुण्य-स्मरण कर उनकी शहादत को नमन करेंगे। स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थानों सहित निजी प्रतिष्ठानों व्यापारिक और सामाजिक संगठनों ने भी आजादी के इस अनूठे अभियान में सहभागी बनकर हर घर तिरंगा अभियान का हिस्सा बनने का संकल्प लिया है।
कटनी की पवित्र धरा ने देशभक्ति की अलख जगाने वाले कई सूरमाओं और आजादी के दीवानों को पैदा किया है, जिन्होंने देश को आजाद करने में अपने प्राणों की आहूति दे दी। देश के स्वातंतत्र्य समर में सहभागी बने हर सेनानी ने देश के लिए सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। किसी के भी योगदान को कम या अधिक के पैमाने में आंका नहीं जा सकता। इनमें से कई अमर सेनानी और क्रांतिकारी गुमनाम हैं।
समूचे देश के साथ कटनी में भी 26 जनवरी 1930 को पहली बार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। कटनी, सिहोरा, सिलौडी़, उमरियापान, विजयराघवगढ़ आदि स्थानों पर तिरंगा फहरा कर और जुलूस निकाल कर आजादी के दीवानों ने पूर्ण स्वाधीनता का संकल्प लिया था। उस दिन कटनी तहसील (मुड़वारा) की जनता में अपूर्व उत्साह था।
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