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भारतीय सेना के हवलदार सोमन राणा ने पैरा-शॉट पट में रचा इतिहास, भारत को मिला ‘डबल पोडियम’-शुभम जुयाल ने जीता सिल्वर

ग्लासगो में सेना के जवानों का डबल पंच!" सोमन राणा ने पैरा-शॉट पट में जीता ऐतिहासिक GOLD, शुभम को मिला Silver

भारतीय सेना के हवलदार सोमन राणा ने पैरा-शॉट पट में रचा इतिहास, भारत को मिला ‘डबल पोडियम’-शुभम जुयाल ने जीता सिल्वर

ग्लासगो: राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत के पैरा-एथलीटों ने अपने अदम्य साहस और जज्बे का लोहा मनवाते हुए देश को दोहरी खुशी दी है। पुरुषों के पैरा-शॉट पट F57 (Para-Shot Put F57) इवेंट में भारत के सोमन राणा ने स्वर्णिम इतिहास रचते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

इसी स्पर्धा में भारत के ही युवा पैरा-एथलीट शुभम जुयाल ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत का ‘डबल पोडियम’ (पोडियम पर दो भारतीय ध्वज) पक्का कर दिया। खास बात यह है कि देश का मान बढ़ाने वाले ये दोनों ही एथलीट भारतीय सेना के जांबाज जवान हैं।

 13.40 मीटर का स्वर्णिम थ्रो, सोमन राणा बने CWG में पहले भारतीय चैंपियन

ग्लासगो गेम्स में शनिवार 1 अगस्त को जब सभी की निगाहें मुक्केबाजी के मुकाबलों पर टिकी थीं, तब पैरा-एथलेटिक्स में सोमन और शुभम की जोड़ी इतिहास लिख रही थी।

  • कांटे की टक्कर: प्रतियोगिता के दौरान एक वक्त पर शुभम जुयाल 13.08 मीटर के थ्रो के साथ शीर्ष पर चल रहे थे।

  • मास्टरक्लास थ्रो: इसके बाद अनुभवी पैरा-एथलीट सोमन राणा ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 13.40 मीटर दूर गोला फेंका और पहला स्थान हासिल कर भारत को गोल्ड दिलाया।

  • ऐतिहासिक उपलब्धि: सोमन राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में पैरा-शॉट पट स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

J&K में लैंडमाइन ब्लास्ट में गंवाया पैर, पर हार नहीं मानी

बिहार से ताल्लुक रखने वाले और भारतीय सेना में हवलदार के पद पर तैनात सोमन राणा का यह सफर बेहद प्रेरणादायक है:

  • बॉक्सिंग से पैरा-शॉट पट: 2005 तक सोमन सेना की तरफ से एक मुक्केबाज (बॉक्सर) के रूप में रिंग में उतरते थे।

  • जिंदगी बदल देने वाला हादसा: 2005 में जम्मू-कश्मीर में गश्त (पेट्रोलिंग) के दौरान वह एक लैंड-माइन विस्फोट की चपेट में आ गए, जिसमें उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया।

  • वापसी की कहानी: पैर गंवाने के बावजूद सोमन का हौसला नहीं टूटा। उन्होंने अपना खेल बदलकर पैरा-शॉट पट को चुना। इससे पहले उन्होंने 2022 पैरा एशियन गेम्स में सिल्वर और 2025 पैरा-वर्ल्ड चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

बाइक एक्सीडेंट के बाद भी बुलंद रहा हौसला: शुभम जुयाल ने जीती ‘चांदी’

उत्तराखंड के रुड़की के रहने वाले और भारतीय सेना में लांस नायक शुभम जुयाल ने पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेते हुए रजत पदक अपने नाम किया।

  • वर्ष 2012 में जब शुभम आर्मी कैडेट कॉलेज के इंटरव्यू के लिए जा रहे थे, तभी एक भीषण बाइक दुर्घटना में उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया था।

  • सेना के सहयोग से प्रोस्थेटिक (कृत्रिम) पैर लगने के बाद शुभम ने खेल में अपनी नई पारी शुरू की और राष्ट्रमंडल खेलों में सिल्वर मेडल जीतकर साबित कर दिया कि उनका जज्बा किसी से कम नहीं है। भारतीय सेना के हवलदार सोमन राणा ने पैरा-शॉट पट में रचा इतिहास, भारत को मिला ‘डबल पोडियम’-शुभम जुयाल ने जीता सिल्वर

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