भारतीय वायु सेना का 94वां स्थापना दिवस: हिंडन में ब्रह्मोस मिसाइल की पहली झलक, इस बार वाराणसी के नमो घाट पर होगा भव्य एयर शो

भारतीय वायु सेना का 94वां स्थापना दिवस: हिंडन में ब्रह्मोस मिसाइल की पहली झलक, इस बार वाराणसी के नमो घाट पर होगा भव्य एयर शो

रक्षा / राष्ट्रीय डेस्क। भारतीय वायु सेना (IAF) अपने 94वें स्थापना दिवस (Air Force Day 2026) की तैयारियों में जोर-शोर से जुटी हुई है। 8 अक्टूबर को आयोजित होने वाले मुख्य समारोह से पहले गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर मुख्य परेड और फुल ड्रेस रिहर्सल का आयोजन किया जा रहा है।

इस बार के समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह है कि हिंडन एयरबेस पर आयोजित प्रदर्शनी में पहली बार ब्रह्मोस मिसाइल को शामिल किया गया है, जो भारत की बढ़ती स्ट्राइक क्षमता और सामरिक ताकत का प्रतीक है।

स्वदेशी हथियारों और फाइटर जेट्स का प्रदर्शन

हिंडन एयरबेस पर आयोजित प्रदर्शनी में ब्रह्मोस मिसाइल के साथ-साथ भारत के कई प्रमुख स्वदेशी व आधुनिक सैन्य उपकरणों को प्रदर्शित किया जा रहा है:

इन हथियारों और विमानों के जरिए भारतीय वायु सेना की आत्मनिर्भरता और आधुनिक युद्ध क्षमता की एक मजबूत झलक देखने को मिल रही है।

एयर चीफ मार्शल एपी सिंह लेंगे परेड की सलामी

8 अक्टूबर को हिंडन एयरबेस पर आयोजित होने वाली मुख्य परेड की सलामी वायु सेना प्रमुख (Air Chief Marshal) एपी सिंह लेंगे। इस कार्यक्रम में सशस्त्र बलों के कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीवीआईपी मेहमान शामिल होंगे। यद्यपि हिंडन में बड़े स्तर का एयर शो नहीं होगा, लेकिन विशेष फ्लाईपास्ट और हवाई करतबों के माध्यम से वायु सेना अपनी ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन करेगी।

पहली बार वाराणसी के ‘नमो घाट’ पर होगा मुख्य एयर शो

इस वर्ष वायु सेना दिवस का सबसे बड़ा आकर्षण धार्मिक और सांस्कृतिक नगरी वाराणसी होगी।

8 अक्टूबर का ऐतिहासिक महत्व

भारतीय वायु सेना की स्थापना आधिकारिक तौर पर 8 अक्टूबर 1932 को देश के सशस्त्र बलों के एक सहायक वायु घटक के रूप में की गई थी। तब से हर साल 8 अक्टूबर को भारतीय वायु सेना के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्र सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को नमन करते हुए यह दिवस पूरे गर्व के साथ मनाया जाता है।

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